30 मई 2013 - 19:30
आले सऊद राजशाही, बहरैन से अपनी फ़ौजें वापस बुलाए।

सऊदी अरब के पूर्वी सूबे में हजारों लोगों ने आले सऊद राजशाही के खिलाफ़ प्रदर्शन कर आले सऊद राजशाही से मांग की कि वह बहरैन से अपनी फ़ौजें वापस बुलाए.

सऊदी अरब के पूर्वी सूबे में हजारों लोगों ने आले सऊद राजशाही के खिलाफ़ प्रदर्शन कर आले सऊद राजशाही से मांग की कि वह बहरैन से अपनी फ़ौजें वापस बुलाए।प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में हजारों लोगों ने आले सऊद राजशाही के खिलाफ प्रदर्शन कर आले सऊद राजशाही से मांग की कि वह बहरैन से अपनी फ़ौजें वापस बुलाए।प्रदर्शनकारियों ने आले सऊद राजशाही पर आरोप लगाया कि सऊदी अधिकारी बहरैन में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के खिलाफ हिंसक क़दम उठा रहे है।प्रदर्शनकारियों ने सऊदी हुकूमत की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सऊदी हुकूमत मनामा की मदद कर लोगों पर अत्याचार ढ़ा रही है, प्रदर्शनकारियों ने बहरैन के राजनीतिक कैदियों की रिहाई की भी मांग की।प्रदर्शनकारियों ने मानवाधिकार के अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की कि वह राजनीतिक कैदियों पर हो रही हिंसा को रोकने और उनकी रिहाई के लिए आले सऊद राजशाही पर दबाव डालें।इस महीने की 23 तारीख को क़तीफ़ में औरतों ने आले सऊद राजशाही के खिलाफ़ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए और बहरैनी जनता के साथ संवेदना प्रकट की।फरवरी में रियाद ने बहरैन के शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए अपने फ़ौजियों के लिए भारी संख्या में टैंक और हथियार भेजे थे।ग़ौरतलब है कि बहरैन और सऊदी अरब में 2011 से राजशाहियों के खिलाफ़ शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी हैं जिनमें अब तक सुरक्षा कर्मियों द्वारा सैकड़ों लोग मारे गये हैं जबकि हजारों लोगों को कैद किया गया है।