हजारों शिया और सुन्नी इराकियों ने आपसी एकता के पक्ष में और सांप्रदायिकता के खिलाफ़ देश भर में जुमे की नमाज़ एक साथ मिल कर पढ़ी।इस महीने की 19 तारीख को प्रधानमंत्री नूरी मालिकी ने इराकी शिया और सुन्नी समुदाय से अपील की थी कि वह जुमे की नमाज़ एक साथ मिल कर पढ़ें और दुश्मन के सामने साबित करें कि इराकी जनता एकजुट है।इराकी प्रधानमंत्री नूरी मालिकी ने इतवार को देश में आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि मस्जिदों को निशाना बनाने वाले शिया और सुन्नी दोनों के दुश्मन हैं और दुश्मन इस मुल्क में सांप्रदायिक हिंसा फैलाना चाहते हैं।गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत से ही इराक में हुए विभिन्न बम धमाकों में अब तक 400 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जानकारों का मानना है कि सऊदी अरब और क़तर इराक़ में शिया सुन्नी दंगे कराकर इराक़ को बाटने की कोशिश में लगे हैं।
24 मई 2013 - 19:30
समाचार कोड: 422883
हजारों शिया और सुन्नी इराकियों ने आपसी एकता के पक्ष में और सांप्रदायिकता के खिलाफ़ देश भर में जुमे की नमाज़ एक साथ मिल कर पढ़ी