बहरैन में उल्मा काउंसिल के प्रमुख आयतुल्लाह शेख़ ईसा क़ासिम ने कहा कि बहरैनी जनता को फूट डालने वाली साज़िशों के मुक़ाबिले में पूरी तरह से सावधान रहना चाहिए। अल-विफ़ाक़ वेबसाइट के अनुसार आयतुल्लाह शेख ईसा कासिम ने बहरैन की नमाज़े जुमा के ख़ुत्बों में कहा कि बहरैनी जनता फूट डालने वाली साज़िशों के मुक़ाबिले में सावधान रहे। उन्होंने कहा कि कोई भी बहरैनियों के बीच मतभेद नहीं डाल सकता क्योंकि क़ौम देश के मौजूदा हालात से अच्छी तरह अवहत है। आयतुल्लाह ईसा क़ासिम ने कहा कि बहरैनी जनता अपनी कामयाबी तक संघर्ष जारी रखेगी और प्रदर्शन करके अपनी मांगों पर ताकीद करती रहेगी। इसी बीच अल-विफ़ाक़ पार्टी के सचिव शेख अली सलमान ने ऑले खलीफा की हिंसक नीतियों की निंदा करते हुए विश्व समुदाय से मांग की कि लोकतंत्र के समर्थन के बारे में अपने नारों पर अमल करें और केवल बहरैन में मानवाधिकार हनन के मूकदर्शक न बने रहें। शेख अली सलमान ने कहा कि जो हुकूमत जनता की चुनी नहीं है वह क़ानूनी नहीं है और उसके सभी फैसलों को जनता अस्वीकार करती है इस लिये बहरैन में जनता का शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा यहाँ तक कि जनता की निर्वाचित सरकार का गठन हो जाए। उन्होंने कहा कि आले ख़लीफा की शाही सरकार की हिंसक कार्यवाहियाँ जनता की क्रांतिकारी आंदोलन को रोक नहीं सकतीं हैं, उधर बहरैन में मानवाधिकार संगठन के सदस्य बाक़िर दुरवेश ने मांग की है कि बहरैनी जनता पर ज़ुल्म ढाने वालों पर मुकद्दमा चलाया जाए।
24 मई 2013 - 19:30
समाचार कोड: 422881
बहरैन में उल्मा काउंसिल के प्रमुख आयतुल्लाह शेख़ ईसा क़ासिम ने कहा कि बहरैनी जनता को फूट डालने वाली साज़िशों के मुक़ाबिले में पूरी तरह से सावधान रहना चाहिए