9 मई 2013 - 19:30
सहाबा की क़ब्रों का अपमान हराम है।

ज़ाहेदान में सुन्नी मदरसे दारुल उलूम के प्रिंसिपल ने तक़रीब समाचार एजेंसी के प्रतिनिधि से बात करते हुए कहा सहाबा की क़ब्रों का अपमान हराम है।

ज़ाहेदान में सुन्नी मदरसे दारुल उलूम के प्रिंसिपल ने तक़रीब समाचार एजेंसी के प्रतिनिधि से बात करते हुए कहा सहाबा की क़ब्रों का अपमान हराम है। कुछ इस्लामी देशों में सहाबा की क़ब्रों के अपमान को लेकर इस्लामी दुनिया के शिया व सुन्नी उल्मा के बीच भारी आक्रोश पाया जाता है।बहुत सारे मुसलमान बुद्धिजीवियों और उल्मा ने इंटरव्यू में या बयान देकर वहाबी आतंकवादियों द्वारा पैगम्बरे अकरम (स.) के असहाब की क़ब्रों के अपमान करने की इस घिनौनी कार्यवाही की कड़े शब्दों में निंदा की है। इसी सिलसिले में सीस्तान व बुलोचिस्तान में तक़रीब समाचार एजेंसी के प्रतिनिधि ने ज़ाहेदान में सुन्नी मदरसे दारूल उलूम के प्रंसिपल, मस्जिद मक्की के इमामे जुमा और राज्य के प्रमुख सुन्नी आलिम जनाब मौलाना "अब्दुल हमीद इस्माइल ज़ेही से एक विशेष इंटरव्यू लिया है जिसे यहां पेश किया जा रहा हैः मौलाना साहब सलामुन अलैकुम। जैसा कि आप जानते हैं हाल ही में कुछ चरमपंथियों ने पैगम्बरे अकरम (स.) के कुछ सहाबियों जैसे सीरिया में हुज्र बिन अदी, जॉर्डन में जाफ़र इब्ने अबी तालिब अलैहिमुस्सलाम की जिन्हें जाफ़रे तय्यार भी कहा जाता है, लीबिया में ज़हैर इब्ने क़ैस की क़ब्रों का अपमान किया है इस बारे में आपका क्या कहना है? क्या इस्लाम में इस तरह के कामों की कोई जगह है? बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर रहीम। सभी मुसलमानों इस पर सहमत है और इसे सब मानते हैं कि पैगम्बर अकरम (स.) के असहाब का एक विशेष स्थान और सम्मान है. कुरान करीम ने भी विभिन्न स्थानों पर अस्हाब की इज्ज़त को बयान किया है, उन्हें जन्नत की बशारत दी और पैगम्बरे अकरम (स.) ने भी बल दिया है कि मेरे अस्हाब के बारे में अल्लाह से डरो कहीं ऐसा न कि उनका अपमान हो. बुज़ुर्गों उल्मा ने भी बल दिया है कि हमें पैगम्बरे अकरम (स.) के अच्छे अस्हाब का सम्मान करना चाहिए। क़ब्र खोदने की जो हालिया घटना सामने आई हैं, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है अस्हाब की कब्र खोदना हराम है।