4 मई 2013 - 19:30
आयतुल्लाहिल उज़्मा साफ़ी गुलपाएगानी ने जारी किया बयान।

आयतुल्लाहिल उज़्मा साफ़ी गुलपाएगानी ने सहाबी रसूले इस्लाम (स.) जनाबे हुज्र इब्ने अदी के मज़ार को ध्वस्त करने की कड़ी निंदा करते हुए अपने बयान में कहा है कि हम सभी उल्मा-ए-इस्लाम, शिया सुन्नी मदरसों और यूनीवर्सिटीयों से पुरजोर अपील करते हैं कि धार्मिक स्थलों के अपमान और मुसलमानों में साम्प्रदायिक दंगों को जल्दी से जल्दी रोकने की कोशिश करें.....

आयतुल्लाहिल उज़्मा साफ़ी गुलपाएगानी ने सहाबी रसूले इस्लाम (स.) जनाबे हुज्र इब्ने अदी के मज़ार को ध्वस्त करने की कड़ी निंदा करते हुए अपने बयान में कहा है कि हम सभी उल्मा-ए-इस्लाम, शिया सुन्नी मदरसों और यूनीवर्सिटीयों से पुरजोर अपील करते हैं कि धार्मिक स्थलों के अपमान और मुसलमानों में साम्प्रदायिक दंगों को जल्दी से जल्दी रोकने की कोशिश करें।आपका बयान इस तरह हैःبسم الله الرحمن الرحيموَلاَ تَحْسَبَنَّ اللّهَ غَافِلًا عَمَّا يَعْمَلُ الظَّالِمُونَरसूले ख़ुदा सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही वसल्लम के महान सहाबी और अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम के वफ़ादार साथी जनाबे हुज्र इब्ने अदी र.ह का सीरिया के वहाबी आतंकवादियों के हाथों अपमान, सभी मुसलमानों और अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के चाहने वालों के लिए बहुत खेद और अफसोस का कारण बना है।انا للہ و انا الیہ راجعونइस्लामी पवित्र स्थलों और इस्लामी हस्तियों के पाक मज़ार का अपमान जो इस्लाम और मकतबे अहले अलैहिमुस्सलाम की सत्यता की महान निशानियां हैं बिल्कुल स्वीकार्य योग्य नहीं है और सभी मुसलमानों के निकट ऐसा काम घृणित, निंदनीय और गलत है। कैसे यक़ीन किया जा सकता है कि एक समूह जो इस्लाम के अलिफ़ से भी परिचित नहीं है और अपने आप को बड़ा मुवह्हिद और इबादत गुजार साबित करने के लिए हज़ारों बेगुनाह इंसानों, बच्चों बड़ों, औरतों और मर्दों की बर्बर तरीके से हत्या करके, नौजवानों की गर्दनें काट कर उन्हें मीडिया पर प्रसारित करता है और इस्लाम को दुनिया में बदनाम करवा रहा है।पूरी दुनिया के लिए यह स्पष्ट है कि यह लोग जायोनिज्म, तथाकथित मानवाधिकार का नारा लगाने वाले संगठनों और कुछ मजदूर देशों की सीधी मदद से इस तरह की बर्बर कार्रवाहियां करते हैं और बजाए इसके कि इस समय म्यांमार में मुसलमानों का समर्थन करें खुद मुसलमानों का नरसंहार और इस्लामी पवित्र स्थलों का अपमान करने में जुटे हैं।हम सभी उल्माए इस्लाम, शिया सुन्नी मदरसों और यूनीवर्सिटी से पुरजोर अपील करते हैं कि इस तरह की हिंसक घटनाओं और मुस्लिम दंगों को बंद करवाने के लिए जल्द से जल्द कार्रवाई करें जिनकी वजह से पूरी दुनिया में मुसलमान बदनाम हो चुके हैं और आंशिक और राजनीतिक मतभेदों को ताक़ पर रखकर जल्दी से जल्दी केवल इस्लाम, कुरान और इस आसमानी दीन के सम्मान व आबरू की चिंता करें अगर कल यह काम अंजाम पाएगा तो बहुत देर हो चुकी होगी और शर्मिंदगी के अतिरिक्त कुछ हाथ नहीं आएगा।इस्लाम की फ़रियाद को पहुंचो और मुसलमानों की खोई हुई प्रतिष्ठा और सम्मान उन्हें लौटाओ कि कुरआन करीम लाने वाला नबी केवल तुमसे यही उम्मीद रखता है।ان تَنصُرُوا اللَّهَ يَنصُرْكُمْ وَيُثَبِّتْ أَقْدَامَكُمْलुत्फ़ुल्लाह साफ़ी