कल सुबह सैकड़ों इस्लामी बुद्धिजीवियों, मौलानाओं और प्रमुख इस्लामी हस्तियों की मौजूदगी में उल्मा और इस्लामी जागरूकता कांफ़्रेंस इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई की अहेम स्पीच से शुरू हुई।इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने कॉन्फ़्रेंस में अपनी अहेम स्पीच में उत्तर अफ्रीका और एरिये में जारी इस्लामी जागरूकता को पेश आने वाले खतरों की ओर इशारा किया और मज़हबी सेंटरों की रक्षा करने, दीर्घकालीन स्कीम बनाने, कड़वे अनुभव के मद्देनजर पश्चिमी देशों के झूठे वादों से परहेज करने, राष्ट्रीय, धार्मिक और भाषाई मतभेद पर आधारित पश्चिमी साजिशों के बारे में सावधान रहने फ़िलिस्तीन के मुद्दे को इस्लामी जागरूकता की असली कसौटी क़रार देने और उसे न भूलने जैसे पांच प्रमुख विषयों पर ज़ोर देते हुए कहा कि इस्लामी सिद्धांतों पर डटे रहना और पब्लिक की मैदान में मौजूदगी दुश्मन की साजिशों और असकी मक्कारी को नाकाम करने के दो मुख्य कारक हैं।इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने अपनी स्पीच की शुरुआत में इस्लामी जागरूकता को ऐसी अद्भुत और चौकाने वाली घटना बताया कि अगर यह सिलसिला सुरक्षित और जारी रहे तो बहुत जल्दी इस्लामी कल्चर व सभ्यता के गठन का कारण बन जाएगा।
29 अप्रैल 2013 - 19:30
समाचार कोड: 414371
कल सुबह सैकड़ों इस्लामी बुद्धिजीवियों, मौलानाओं और प्रमुख इस्लामी हस्तियों की मौजूदगी में उल्मा और इस्लामी जागरूकता कांफ़्रेंस इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई की अहेम स्पीच से शुरू हुई।