बर्मा/ 23 अप्रैल 2013/ म्यांमार में मुसलमानों पर उग्रवादियों के हमले बराबर जारी हैं जबकि स्थानीय पुलिस और सरकार, मुस्लिम आबादी की रक्षा करने में नाकाम साबित हुई है, मुसलमानों पर हो रहे हमलों में पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।अहलेबैत समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार रोहिंगिया मुसलमानों के खिलाफ कट्टरपंथी बौद्धों के हमले जारी हैं और पुलिस मूकदर्शक की भूमिका निभा रही है।बताया जाता है म्यांमार पुलिस मुसलमानों की मस्जिदों और सुपर मार्केटों पर उग्रवादियों के हमले में केवल तमाशाई बनी हुई है। म्यांमार पुलिस मुसलमानों पर होने वाले जानी व माली हमलों के खिलाफ आतंकवादियों की कार्यवाहियों पर पर्दा डालने की कोशिश करती है।समाचार एजेंसियों और इंटरनेट साइटों पर जारी होने वाली फोटेज के अनुसार चरमपंथी बौद्ध मुसलमानों के खिलाफ एक बार फिर खूनी हमले कर रहे हैं।इस दौरान मानवाधिकार के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने यूरोपीय संघ पर आरोप लगाया कि म्यांमार में मुसलमानों पर जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन पर चुप्पी साधे रखना हैरत और दुख की बात है।गौरतलब है जून 2012 में मुसलमानों के खिलाफ कट्टरपंथी बौद्धों के हमलों की नई लहर शुरू हुई है जिसके नतीजे में अब तक मुसलमानों की एक बड़ी संख्या मारी गई है और दो लाख से अधिक लोग बेघर हुए हैं।
22 अप्रैल 2013 - 19:30
समाचार कोड: 412350
म्यांमार में मुसलमानों पर उग्रवादियों के हमले बराबर जारी हैं जबकि स्थानीय पुलिस और सरकार, मुस्लिम आबादी की रक्षा करने में नाकाम साबित हुई है, मुसलमानों पर हो रहे हमलों में पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है