तेहरान की सेंट्रल नमाज़े जुमा आयतुल्लाह मोहम्मद अली मुवह्हदी किरमानी की इमामत में अदा की गई। आयतुल्लाह मुवह्हदी किरमानी ने लाखों नमाज़ियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि दुनिया एक बार फिर ईरान के राष्ट्रपति चुनाव से हैरत में पड़ जाएगी। तेहरान की सेंट्रल नमाज़े जुमा के ख़तीब ने कहा कि ईरानी क़ौम जून में होने वाले ग्यारहवें राष्ट्रपति चुनाव में भरपूर हिस्सा लेकर एक बार फिर इस्लामी सरकार से अपनी वफ़ादारी का ऐलान करेगी और दुश्मन ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध षड्यंत्रों में नाकाम हो जाएंगे। आयतुल्लाह मुवह्हदी किरमानी ने कहा कि इस्लामी रिपब्लिक ईरान पर दुश्मनों की पाबंदियों, दबाव और बढ़ते हुए प्रचारों के मद्देनजर जून में राष्ट्रपति चुनाव बहुत संवेदनशील और महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ग्यारहवें राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ईरानी राष्ट्र दुश्मनों को ठोस जवाब देकर एक और कारनामा अंजाम देगी। आयतुल्लाह मुवह्हदी किरमानी ने दक्षिण प्रांत बूशहर के कुछ इलाक़ों में आने वाले हाल भूकंप पर अफसोस करते हुए भूकंप में जान देने और घायल होने वाले लोगों के परिवार वालों से सहानुभूति व हमदर्दी का इज़हार किया। उन्होंने भूकंप से प्रभावित इलाक़ों के लिए भरपूर मदद देने पर ईरानी क़ौम की कोशिशों को सराहा।तेहरान की सेंट्रल नमाज़े जुमा के ख़तीब ने अट्ठारह अप्रैल को सशस्त्र सेना दिवस की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरान की सेना ने देफ़ाए मुक़द्दस (इराक़ द्वारा ईरान पर थोपी गई आठ वर्षीय जंग) में यादगार कारनामे अंजाम दिए और ईरानी क़ौम के हितों की रक्षा की। तेहरान की सेंट्रल नमाज़े जुमा के ख़तीब ने विभिन्न इलाक़ों में ईरानी विशेषज्ञ की कामयाबियों को बयान करते हुए कहा कि पश्चिम की पाबंदियों से न केवल तरक़्क़ी की राह तय करने में ईरानी क़ौम के हिम्मत में कमी नहीं आई बल्कि उसका संकल्प व इरादा औरपक्का होता गया। तेहरान की सेंट्रल नमाज़े जुमा के ख़तीब ने सऊदी अरब में ज़ाएरीन के बीच गुमराह करने वाली किताबें बाटने की साजिश की तरफ़ इशारा करते हुए इस साज़िश के सामने होशियार रहने की जरूरत पर बल दिया।........166
11 अप्रैल 2013 - 19:30
समाचार कोड: 408531
ईरान पर दुश्मनों की पाबंदियों, दबाव और बढ़ते हुए प्रचारों के मद्देनजर जून में राष्ट्रपति चुनाव बहुत संवेदनशील और महत्वपूर्ण हैं......