आज इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था की वर्षगांठ है। इकतीस मार्च उन्नीस सौ उन्नासी और ईरान साल के अनुसार बारह फ़रवरदीन तेरह सौ अठ्ठावन को ईरानी जनता ने रिफ़्रेंडम में हिस्सा लेकर इस्लामी शासन के पक्ष में सौ प्रतिशत वोट दिए थे। ईरानी कैलेण्डर के अनुसार १२ फ़रवरदीन को इस्लामिक रिपब्लिक डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को ईरानी जनता द्वारा अपना भविष्य निर्धारित करने का आरम्भिक दिन माना जाता है। ईरानी राष्ट्र ने आज के दिन एक रिफ़्रेंडम में हिस्सा लेकर इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था के हित में मतदान किया था। इस एतिहासिक दिन ईरान की क्रांतिकारी जनता ने देश में इस्लामी लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में 98.2 प्रतिशत वोट डाले थे। इस तरह से ईरानी राष्ट्र ने अपनी एकता और एकजुटता का प्रदर्शन किया। इस काम से उसने मुल्क में 2500 साल से जारी डेक्टेटरशिप को हमेशा के लिए ख़त्म कर दिया और इस तरह ईरान में एक काला अध्याय हमेशा के लिए बंद हो गया। इस अवसर पर ईरान की संसद में विदेश नीति और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्य इस्माईल कौसरी ने कहा कि बारह फ़रवरदीन वर्ष 1357 हिजरी शम्सी के रिफ़्रेंडम ने दुनिया भर को आश्चर्य में डाल दिया था। उन्होंने कहा कि इस्लामी इंक़ेलाब की कामयाबी के बाद जनता का सभी मैदानों में हमेशा मौजूद रहना इस बात का प्रमाण है कि इस इंक़ेलाब के लक्ष्य और नारे अभी भी जीवित हैं। मिस्टर इस्माईल कौसरी ने यह बयान करते हुए कि ईरानी राष्ट्र ने इमाम ख़ुमैनी के नेतृत्व में इस्लामी इंक़ेलाब और इस्लामी शासन व्यवस्था के दुश्मनों के सभी षड्यंत्रों पर पानी फेर दिया, बल दिया कि ईरानी जनता आज भी सुप्रीम लीडर का अनुसरण करते हुये दुश्मनों के सारे हथकंडों को आज भी असफल बनाए हुए है।.........166
31 मार्च 2013 - 19:30
समाचार कोड: 404986
इकतीस मार्च उन्नीस सौ उन्नासी और ईरान साल के अनुसार बारह फ़रवरदीन तेरह सौ अठ्ठावन को ईरानी जनता ने रिफ़्रेंडम में हिस्सा लेकर इस्लामी शासन के पक्ष में सौ प्रतिशत वोट दिए थे......