अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबनाः आले सऊद न्यायालय में प्रसिद्ध शिया धर्मगुरू हुज्जतुल इस्लाम वल मुसलेमीन शेख बाक़िर नम्र की फांसी की मांग की निंदा करते हुए विश्व अहलेबैत (अ) परिषद ने एक बयान जारी किया है।बयान इस प्रकार हैःبسم الله الرحمن الرحيم«الذين آمنوا و هاجروا و جاهدوا في سبيل الله بأموالهم و أنفسهم أعظم درجة عند الله و اولئك هم الفائزون» (سوره توبه ـ آيه 20)डिकटेटर सऊदी सरकार के न्यायालय में प्रसिद्ध शिया धर्मगुरू हुज्जतुल इस्लाम वल मुसलेमीन शेख बाक़िर नम्र की फांसी की मांग एक खतरनाक और भयानक कार्यवाही है। देश में अशांति फैलाने और क़तीफ में सरकार के खिलाफ जनता को भड़काने के आरोप ऐसे हालात में उन पर और अन्य मौलानाओं और राजनीतिक गतिविधियों में लिप्त लोगों पर लगाए जा रहे हैं जबकि वह इन निराधार आरोपों के विपरीत पूर्वी क्षेत्र में जनता के अधिकारों के हनन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और आज़ादी, अदालत, न्याय और लोकतांत्रिक सरकार बनाने की मांग कर रहे हैं।ऑले सऊद ने जासूसी के आरोप के परिणाम स्वरूप सऊदी अरब के अन्य 18 शियाओं को अवैध रूप से देश की जेलों में बंद कर रखा है जबकि आरोपियों और विश्व संगठनों ने इन आरोपों का खंडन किया है।ऑले सऊद न्यायालय की ओर से अल्लाह के साथ जंग का आदेश जारी करने की मांग के बाद सऊदी अरब और अन्य देशों की जनता और मानवाधिकार संगठनों ने विरोध प्रदर्शन और आपत्ति जता कर इस अन्नयाय से पूर्ण कार्यवाही की निंदा की है और शेख नम्र के बारे में चिंता जताई है।विश्व अहलेबैत (अ) परिषद इस अन्नयाय पूर्ण मांग की निंदा करते हुए इस धर्मगुरू और अल्लाह के रास्ते में संघर्ष करने वाली हस्ती और अन्य विद्वानों, मौलानाओं और राजनीतिक लोगों के बारे में चिंता व्यक्त की है इसलिए कि यह पेशी वकीलों की ग़ैर मौजूदगी और आरोपियों को अपने बात रखने के अधिकारों के बिना अंजाम पाई है।विश्व अहलेबैत (अ) परिषद इस धर्मगुरू के खिलाफ आदेश जारी करने को अल्लाह के साथ युद्ध और अन्य विद्वानों, धर्मशास्त्रियों और राजनीतिज्ञों को रास्ते हटाने का मार्ग प्रशस्त करना समझता है। जबकि उन्होंने कुछ दशकों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के अंतर्गत अपने हनन किये गए अधिकारों को प्राप्त करने और सामाजिक और धार्मिक दायित्वों को पूरा करने की मांग की थी कि ऑले सऊद तानाशाह सरकार ने न केवल उनके हनन हुए अधिकारों को पूरा किया नहीं बल्कि उन लोगों को गिरफ्तार कर जेलों में बंद कर दिया ताकि हक और सच्चाई की आवाज़ बंद हो जाये।विश्व अहलेबैत (अ) परिषद अपने सभी मिम्बरों, सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार संगठनों से अपील करता है कि जितनी जल्दी संभव हो शेख नम्र, अल्लामा अल-आमिर और अन्य कैदियों की ज़िंदगियों को बचाने के लिए कोई प्रभावी कार्यवाई करें और ऑले सऊद से मनवाधिकारों के प्राथमिक सिद्धांतों का पालन करने की मांग के साथ इस देश के शियों को स्वतंत्रता और अपना भाग्य खुद तय करने का अधिकार दिलायें।विश्व अहलेबैत (अ) परिषद सभी मराजए केराम, उलमा, हौज़ए इल्मिया (मदरसों) और पूरी दुनिया के सभी राजनीतिज्ञ हस्तियों से अनुरोध करता है कि इस देश में विद्वानों और धार्मिक नेताओं के सम्मान की सुरक्षा के लिए अपने बयान जारी करके सऊदी शासकों पर दबाव डालें कि वह इस धर्मगुरू और अन्य राजनीतिक कैदियों को रिहा करेविश्व अहलेबैत (अ) परिषद दुनिया के मीडिया से भी मांग करता है कि वह चुप्पी तोड़ कर सच्चाई को पेश करे और जनता को सही बातों से अवगत करायें विश्व अहलेबैत (अ) परिषद 28 मार्च, 2013
29 मार्च 2013 - 19:30
समाचार कोड: 404206
आले सऊद न्यायालय में प्रसिद्ध शिया धर्मगुरू हुज्जतुल इस्लाम वल मुसलेमीन शेख बाक़िर नम्र की फांसी की मांग की निंदा करते हुए विश्व अहलेबैत (अ) परिषद ने एक बयान जारी किया है