25 मार्च 2013 - 19:30

पाकिस्तान के क़बाइली एरिये ख़ैबर एजेन्सी के तीराह घाटी में झड़पों के नतीजे में ४० हज़ार से ज़्यादा लोग बेघर हो गये हैं......

पाकिस्तान के क़बाइली एरिये ख़ैबर एजेन्सी के तीराह घाटी में झड़पों के नतीजे में ४० हज़ार से ज़्यादा लोग बेघर हो गये हैं। यूनाइटेड नेशन का कहना है कि ज़्यादा संख्या में पलायन पिछले सप्ताह शुरू हुआ और पलायन करने वालों में ज़्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। यूनाइटेड नेशन के नेचुरल आपदाओं से निपटने के संगठन का कहना है कि पाकिस्तान में यूनियन प्रशासित ख़ैबर एजेंसी एरिये की घाटी तीराह में झड़पों के नतीजे में 40 हजार से ज़्यादा लोग पलायन करने पर मजबूर हुए हैं। पलायन करने वाले परिवार कोहाट, हंगो, पेशावर और कुर्रम एजेंसी इलाक़ों की ओर बढ़ रहे हैं। पाकिस्तान की कुछ सरकारी संस्थाएं पलायन करने वालों की मदद कर रही हैं तथा पलायन करने वाले बच्चों को विभिन्न चौकियों पर टीका लगाया जा रहा है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि तीराह घाटी के बाग मैदान गांव से दस हजार परिवार इस लड़ाई से प्रभावित हुए हैं। यूनाइटेड नेशन का कहना है कि वह हालात पर नजर रखे हुए हैं और जैसे ही सरकार सिक्योरिटी की गारंटी देगी बेघर होने वालों की मदद के लिए कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी। नेचुरल ख़ूबसूरती से मालामाल इस एरिये में फरवरी के पहले सप्ताह विभिन्न चरमपंथी गुटों में भयानक झड़पें शुरू हो गयीं। इसी एरिये से पाकिस्तानी सेना के लिए उत्तर में अफगानिस्तान की सीमा के लिए रसद भेजी जाती है। इसके दक्षिण में तालेबान प्रभावित ओरकज़ई एजेंसी का एरिया है। स्थानीय लोगों ने चार साल तक चरमपंथियों को रोके रखा लेकिन फिर पाकिस्तान के तालेबान आंदोलन ने अपने प्रतिद्वंद्वी दल लश्करे इस्लाम के साथ हाथ मिलाकर स्थानीय लोगों के प्रतिरोध को ख़त्म कर दिया और लोग या एरिया छोड़कर भागने लगे।