बहरैन की तानाशाही सरकार की अदालत ने १७ शिया मुसलमानों को १५-१५ साल की जेल की सज़ा सुनाई है। समाचार एजेन्सी फ्रांस प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन की तानाशाही सरकार की अदालत ने जिन लोगों को १५-१५ साल की सजा सुनाई है उन पर आरोप है कि उन्होंने बहरैन के पूरब में स्थित अलअक्र गांव में हथगोले बनाके विस्फोट किया था। याद रहे कि सन २०११ के फरवरी महीने से बहरैन में इस देश की पब्लिक पीसफ़ुल तरीक़े से प्रदर्शन कर रही है लेकिन बहरैन की तानाशाही सरकार उसकी मांगों पर ध्यान देने के बजाये उसका दमन कर रही है और पीसफुल प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के आरोप में सैकड़ों लोगों को काम से निकाल दिया गया है। यही नहीं बहरैन की तानाशाही सरकार इस मुल्क की जनता के दमन के लिए सऊदी अरब के सैनिकों को भी बुला लिया है जो बहरैनी जनता के विरुद्ध किसी तरह के अपराध में संकोच से काम नहीं ले रहे हैं। बहरैनी लोगों ने लगातार जोर देकर कहा है कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहेगा।
17 मार्च 2013 - 20:30
समाचार कोड: 400898
बहरैन की तानाशाही सरकार की अदालत ने १७ शिया मुसलमानों को १५-१५ साल की जेल की सज़ा सुनाई है