बहरैन में विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी जमीअतुल विफ़ाक़ ने आले ख़लीफ़ा राजशाही को चेतावनी दी है वह मस्जिदों के अपमान करने से बाज रहे।प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन की सिक्योरिटी फ़ोर्सेज ने देश के उत्तर में स्थित देयह नामक गाँव में एक मस्जिद पर हमला करके वहां नमाज़ियों पर आंसू गैस के गोले दागे और उन्हें नमाज़ अदा करने से रोक दिया। जमीअतुल विफ़ाक़ ने ऑले ख़लीफ़ा के पिठ्ठुओं की इस कार्यवाही की निंदा करते हुए कहा है कि ऑले खलीफ़ा तानाशाही नैतिक रूप से भी पस्ती में गिर गई है।उधर बहरैन के पार्लियामेंट के एक पूर्व सांसद सैयद हादी मूसवी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के मुक़ाबले में शाही सरकार की पॉलिसी सामूहिक सज़ा देना है जिस के कारण आज पूरे देश को गंभीर संकट का सामना है और हालात बहुत ख़राब हैं। यह बात उन्होंने रशन टूडे टीवी चैनल को दिए गए अपने इंटरव्यू में कही।
15 मार्च 2013 - 20:30
समाचार कोड: 400609
बहरैन में विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी जमीअतुल विफ़ाक़ ने आले ख़लीफ़ा राजशाही को चेतावनी दी है वह मस्जिदों के अपमान करने से बाज रहे.....