10 मार्च 2013 - 20:30

एशियाई मामलों में ईरान के विदेशमंत्री के सहायक ने कहा है कि ईरान-पाकिस्तान गैस परियोजना से भारत के जुड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता

एशियाई मामलों में ईरान के विदेशमंत्री के सहायक ने कहा है कि ईरान-पाकिस्तान गैस परियोजना से भारत के जुड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। सैयद अब्बास इराकची ने सोमवार को ईरान-पाकिस्तान गैस पाइप लाइन परियोजना के आरंभ होने के अवसर पर कहा कि तय यह था कि इस गैस पाइप लाइन परियोजना का निर्माण भारत- पाकिस्तान और ईरान की सम्मिलिति से होगा और इसी कारण इस गैस परियोजना का नाम शांति पाइप लाइन रखा गया है क्योंकि यह पाइप लाइन भारत और पाकिस्तान सहित क्षेत्र में शांति व सुरक्षा स्थापित करने में सहायता कर सकती है। इराकची ने कहा कि बाद में इस्लामाबाद और दिल्ली के दृष्टिकोणों में मतभेद उत्पन्न हो जाने के कारण भारत इस परियोजना से पीछे हट गया जिसके बाद ईरान और पाकिस्तान ने इसे व्यवहारिक करने का निर्णय किया। उन्होंने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि जब ईरान से पाकिस्तान गैस का निर्यात आंरभ हो जायेगा और पाकिस्तान के विकास में इस परियोजना के परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगेंगे तो इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि भारत भी इस परियोजना से जुड़ जायेगा।