आज तेहरान की सेंट्रल जुमे की नमाज़ आयतुल्लाह इमामी काशानी की इमामत में अदा की गई, जुमे की नमाज़ के इमाम आयतुल्लाह मुहम्मद इमामी काशानी ने नमाज़ के ख़ुत्बे में पश्चिम द्वारा हिमायत किये जा रहे आतंकवादी गुटों के अपराधों पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और इलाक़े की कुछ सरकारों के ख़ामोश रहने की आलोचना की। उन्होंने मिडिल ईस्ट की तब्दीलियों के सम्बंध में वर्ल्ड कम्यूनिटी के कमज़ोर व दोग़ले बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि युनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल जैसे संगठन इराक़, सीरिया, बहरैन, पाकिस्तान और दूसरे इलाक़ों में अपराध होते देख रहे हैं लेकिन पश्चिम और ज़ायोनी शासन के कारण इन अपराधों को रुकवाने के लिए अभी तक गंभीर क़दम नहीं उठा पाये हैं।उन्होंने पाकिस्तान और सीरिया सहित इस्लामी दुनिया के विभिन्न इलाक़ों में आतंकवादी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इन अपराधों पर युनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल और इंटर-नेशनल हल्क़ों की ख़ामोशी से यह पता चलता है कि वह इन अपराधों के मुख्य तत्व अमरीका और ज़ायोनी हुकूमत के साथ मिले हुए हैं। जुमे की नमाज़ के इमाम ने साफ़ शब्दों में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय हल्कों व सिक्योरिटी काउंसिल के व्यवहार ने विश्व शांति को बंद गली में पहुंचा दिया है।उन्होंने इसी तरह कहा कि कुछ इलाक़ाई मुल्कों के अधिकारी पैसों, हथियारों और मीडिया द्वारा ग़लत प्रचार जैसे हथकंडों से एरिये में अमरीका और ज़ायोनी हुकूमत के षड्यंत्रों को व्यवहारिक बनाना चाहते हैं लेकिन वह कभी भी कामयाब नहीं होंगे क्योंकि वह सब पतन की ओर बढ़ रहे हैं। आयतुल्लाह काशानी ने बहरैन के मज़लूम लोगों के विरुद्ध आले ख़लीफ़ा राजशाही के अपराधों की निंदा करते हुए ज़ोर दिया कि बहरैनी जनता प्रतिरोध के ज़रिए अपनी क़ानूनी मांग पूरी करा लेगी।तेहरान की जुमे की नमाज़ के इमाम ने इलाक़े में इस्लामी जागरुकता पर इस्लामी इंक़ेलाब के प्रभाव की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि इस बात में शक नहीं कि दुश्मन इस जागरुकता को कुचलना चाहते हैं और लगातार षड्यंत्र रच रहे हैं लेकिन वह कभी भी कामयाब नहीं होंगे क्योंकि यह जागरुकता फैलती जा रही है।
21 फ़रवरी 2013 - 20:30
समाचार कोड: 393603
आयतुल्लाह मुहम्मद इमामी काशानी ने नमाज़ के ख़ुत्बे में पश्चिम द्वारा हिमायत किये जा रहे आतंकवादी गुटों के अपराधों पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और इलाक़े की कुछ सरकारों के ख़ामोश रहने की आलोचना की