16 फ़रवरी 2013 - 20:30

आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी ने कहा है कि अमरीका, ईरानी पब्लिक को निराश करने में नाकाम हो चुका है

आयतुल्लाह अहमद ख़ातेमी ने कहा है कि अमरीका, ईरानी पब्लिक को निराश करने में नाकाम हो चुका है।तेहरान की सेंट्रल नमाज़े जुमा आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी की इमामत में अदा की गई। उन्होंने नमाज़ के ख़ुत्बों में ईरानी क़ौम को निराश करने के लिए साम्राज्यवाद और ज़ायोनिज़्म की धमकियों, दबावों और साज़िशों की निंदा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी, ईरानी क़ौम को निराश करने और उन्हें इस्लामी इंक़ेलाब के टार्गेट तक पहुंचने में रूकावट डालने के अपने षड्यंत्रों में नाकाम हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी क़ौम ऐटमिक एनर्जी सहित अपने सभी अधिकार हासिल करने के लिए सभी दबावों और ख़तरों का डट कर मुक़ाबला करेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश चाहते हैं कि बातचीत को बहाना बना कर ईरानी क़ौम को उसके पीसफ़ुल एटमिक अधिकारों से वंचित कर दें लेकिन उनकी यह कोशिश भी नाकाम रहेगी और एटमिक बातचीत, ईरानी क़ौम पर अधिक दबाव डालने के लिए अमरीका का एक बहाना है। आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने इस्लामी इंक़ेलाब की 34वीं सालगिरह के अवसर पर निकाले जाने वालों जुलूसों में ईरानी पब्लिक की भरपूर भागीदारी को सराहते हुए इसे अभूतपूर्व बताया और कहा कि कुछ अमरीकी अधिकारियों ने भी इन रैलियों में पब्लिक की भागीदारी को क़ुबूल किया है। उन्होंने कहा कि ईरानी क़ौम विभिन्न मैदानों में हाज़िर होने को अपनी ज़िम्मेदारी समझती है और चार महीनों के बाद ग्यारहवें राष्ट्रपति चुनाव में भी भरपूर हिस्सा लेकर एक बार फिर इस्लामी सिस्टम से अपनी वफ़ादारी का सुबूत देगी। उन्होंने बहरैन के हालात के बारे में ईरान के नज़रिये की ओर इशारा करते हुए कहा कि बहरैन के लोगों को अपने भविष्य के तय करने का अधिकार हासिल होना चाहिए। उन्होंने सीरिया के हालात के बारे में कहा कि अमरीका और उसके सहयोगी यह सोच रहे थे कि सीरिया में आतंकवादी भेज कर और आतंकवादियों का समर्थन करके दमिश्क़ सरकार को गिरा देंगे लेकिन न केवल यह कि उनका यह मक़सद पूरा नहीं हुआ बल्कि वे इस नतीजे पर पहुंच चुके हैं कि ईरान की तरफ़ से पेश किया गया फ़ार्मूला ही सीरिया के संकट के समाधान का सबसे अच्छा और उचित रास्ता है। याद रहे कि सीरिया के संकट के समाधान के लिए ईरान ने पीसफ़ुल ढंग से नेशनल बातचीत के आयोजन का सुझाव दिया है।