ईरान में क्रांति की सफलता की ३४वीं सालगिरह की रैली संपन्न, लाखों लोगों ने भाग लिया। ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता की ३४वीं सालगिरह के अवसर पर पूरे ईरान में रैलियां निकाली गयीं जिसमें लाखों लोगों ने भाग लिया।
राजधानी तेहरान में मुख्य कार्यक्रम आज़ादी स्क्वायर पर हर वर्ष की भांति आयोजित हुआ जिसमें तेहरान के लाखों लोगों ने भाग लिया। आज़ादी स्क्वायर तक जाने वाली सड़कों पर वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया था और सुबह से ही लोगों की भीड़ विभिन्न समूहों में आज़ादी स्क्वायर की ओर बढ़ती देखी जा सकती थी। तेहरान के विभिन्न क्षेत्रों से निकलने वाली रैलियां आज़ादी स्कवायर पर जाकर संपन्न हुई जहां रैली का घोषणापत्र पढ़ा गया जिसमें अमरीकी नेतृत्व में साम्राज्यवादी शक्तियों द्वारा ईरान के विरूद्ध अन्यायपूर्ण व एकपक्षीय प्रतिबंधों की आलोचना की गयी।
घोषणापत्र में कहा गया है कि ईरान की सचेत व वरिष्ठ नेतृत्व में आस्था रखने वाली जनता, अमरीकी नेतृत्व में साम्राज्यवादी शक्तियों द्वारा ईरान के विरूद्ध अन्यायपूर्ण व एकपक्षीय प्रतिबंधों की आलोचना करती है और सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं से मांग करती है कि वे राष्ट्रीय उत्पादन में संघर्ष व रणनीति द्वारा शत्रुओं के शैतानी षडयंत्रों को विफल और इन प्रतिबंधों को उनके लिए अपमान जनक बना दें।
घोषणापत्र में क्षेत्र और विश्व में इस्लामी चेतना को ईरान की इस्लामी क्रांति का प्रभाव बताया गया और तानाशाहों तथा साम्राज्यवादियों के चंगुल से छुटकारा पाने वाले देशों में विदिशियों के हस्तक्षेप की आलोचना के साथ इन देशों की जनता की चेतना पर बल दिया गया है।
ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता की वर्षगांठ पर आयोजित महारैली के घोषणापत्र में इसी प्रकार अपना भविष्य निर्धारित करने के जनता के अधिकार, बहरैन की शाही सरकार द्वारा इस देश की निर्दोष जनता के नरसंहार तथा मानवाधिकार और प्रजातंत्र का ढिंढोरा पीटने वाली शक्तियों की चुप्पी की कड़ी आलोचना की गयी है।
इस घोषणापत्र में इसी प्रकार अमरीका को ईरान का सब से बड़ा शत्रु घोषित किया गया है और कहा गया है कि अमरीका की ओर से ईरान से वार्ता का प्रस्ताव, क्षेत्र में वाइट हाउस को होने वाले पराजय की क्षतिपूर्ति का प्रयास है और वास्तव में वार्ता का प्रस्ताव धूर्ततापूर्ण है। ईरान में हर वर्ष क्रांति की सफलता की वर्षगांठ पर इस देश की जनता रैली में भाग लेकर क्रांति से अपनी प्रतिबद्धता की घोषणा करती है इसी लिए इस रैली में भाग लेने के रोकने के लिए साम्राज्यवादी संचार माध्यम बहुत पहले से सक्रिय हो जाते हैं किंतु उन्हें हर बार विफलता मिलती है।