वियतनाम की जंग के बाद से अमेरिकी वायु सेना ने ऐसे मानव रहित विमानों का इस्तेमाल शुरू किया जिनमें तस्वीरें लेने और दुश्मन के हालात की जानकारी लेने की क्षमता पाई जाती है। वियतनाम जंग में बड़े पैमाने पर नुक़सान उठाने के बाद अमेरिकी डिजाइनर इस नतीजे पर पहुंचे कि ऐसी चीज़ आविष्कार करें कि जिससे हताहत होने वालों की संख्या में कमी आ सके। और मानव रहित विमानों का आविष्कार इसी ज़रूरत को पूरा करने के लिए किया गया। शुरू में इन ड्रोनों में केवल तस्वीरें लेने की क्षमता पाई जाती थी लेकिन आज जब नई नई टेक्नालोजी सामने आ रही हैं जैसे विकासशील डिजीटल कैमरे, सैटेरलाइट से सम्पर्क और लाइव तसवीरों के हासिल करने से यह मुश्किल भी आसान हो गई है।प्रीडेटर का नाम उन मशहूर मानव रहित विमानों में लिया जाता है जो अपने मिज़ाइलों से आज हज़ारों औरतों और बच्चों के नरसंहार के लिए दुनिया भर में मशहूर है।प्रीडेटर (NQ-1) जो ईरान के ऐक्शन लेने से पहले तक खार्ग आइलैंड में चक्कर काट रहा था और जिसके बारे में भविष्यवाणी की गई थी कि फ़ौजी टार्गेट के अलावा वह खार्ग आइलैंड के बारे में मालूमात इकठ्ठा करने में बिज़ी है और इसी तरह इलाके के तेल और आर्थिक मालूमात को इकठ्ठआ करने में व्यस्त था ईरान राडार की जद में आने के बाद और तत्काल ईरानी जंगी जहाज़ो के ऐक्शन लेने के कारण भागने पर मजबूर हो गया।प्रीडेटर (NQ-1) 100 किमीं की रफ़्तार से लगातार 24 घंटे उड़ान भर सकता है लेकिन ईरान के ग़दीर नामक राडार ने उसे पहचान लिया और जिसके नतीजे में उसे भागना पड़ा। याद रहे इस्राईल की इस्राईल डिफ़ेंस नामक मैगज़ीन ने टिप्पणी की थी कि ईरान की ताक़त उससे कहीं ज़्यादा है जितनी अमेरिका और पश्चिमी देश सोच रहे हैं।
3 फ़रवरी 2013 - 20:30
समाचार कोड: 387942
वियतनाम की जंग के बाद से अमेरिकी वायु सेना ने ऐसे मानव रहित विमानों का इस्तेमाल शुरू किया जिनमें तस्वीरें लेने और दुश्मन के हालात की जानकारी लेने की क्षमता पाई जाती है۔۔۔۔۔۔۔۔