इस्राईल के पूर्व प्रधानमंत्री का मानना है कि इस्राईल को ईरान से जंग में पहेल नहीं करनी चाहिये। इसी बीच एक जायोनी विशेषज्ञ ने कहा है कि इस्राईल दूसरों के लिए अपनी बलि नहीं चढ़ाएगा। ऐहूद ओल्मर्ट ने बीबीसी से बातचीत करते हुए कहाः इस बात की कोई ज़रूरत नहीं है कि इस्राईल ईरान के विरूद्ध सैन्य कार्यवाही करे बल्कि यही काफ़ी है कि वह ईरान विरोधी धड़े में शामिल हो जाए। कैहान की रिपोर्ट के अनुसार ऐहूद ओल्मर्ट ने कहा है कि अमेरिका, यूरोप और एशिया की बड़ी ताक़तें क़दम उठायें और इस्राईल भी उनके साथ एक सदस्य की तरह काम करें और उसे लीडर बनने की ज़रूरत नहीं है। इसलिए बहेस यह नहीं कि ईरान को एटमिक ईरान बनने से रोका जाये या नहीं बल्कि बहेस यह है कि इस्राईल को अगुवा बनना चाहिये या नही? जब ऐहूद ओल्मर्ट से पूछा गया कि ईरान से भिड़ने की सूरत में इस्राईल को कितना नुक़सान पहुंचेगा तो उसने कन्नी काटते हुए जवाब दिया कि कितना अच्छा होगा हम उनसे भी न भिड़ें जो हमसे केवल 1200 किमी की दूरी पर हैं हमने कई जंगें लड़ी हैं और अब हममें नई जंग लड़ने की इच्छा नहीं है। ............ 166
26 जनवरी 2013 - 20:30
समाचार कोड: 385461
इस्राईल के पूर्व प्रधानमंत्री का मानना है कि इस्राईल को ईरान से जंग में पहेल नहीं करनी चाहिये। इसी बीच एक जायोनी विशेषज्ञ ने कहा है कि इस्राईल दूसरों के लिए अपनी बलि नहीं चढ़ाएगा.....