इंटर-नेशनल मामलों में सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई के सलाहकार डॉ. अली अकबर विलायती ने इस्लामी रिपब्लिक ईरान के खिलाफ अमेरिका की दुश्मनी से भरी पालीसियों को नाकाम बताया।डॉ. अली अकबर विलायती ने मेह्र न्यूज़ एजेंसी से बातचीत करते हुए ईरान के बारे में अमेरिका के नए विदेश मंत्री जॉन कैरी और संभावित रक्षा मंत्री चेक हीगल के विभिन्न नज़रियों के बारे में कहा कि अमेरिकियों ने पिछले तीस साल के दौरान ईरान के खिलाफ अपनी दुश्मनी और ईर्ष्या से भरी नीतियों से कोई सकारात्मक नतीजा हासिल नहीं किया है। उन्होंने यह बताते हुए कि अमेरिका को ईरान खास तौर पर एटमी मसले के बारे में अपनी नीतियों की दोबारा समीक्षा करनी चाहिए, कहा कि एटमी एनेर्जी का पीसफ़ुल इस्तेमाल एक ऐसा अधिकार है कि जिसको इस्लामी रिपब्लिक ईरान कभी छोड़ नहीं सकता है।.............166
25 जनवरी 2013 - 20:30
समाचार कोड: 385150
इंटर-नेशनल मामलों में सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई के सलाहकार डॉ. अली अकबर विलायती ने इस्लामी रिपब्लिक ईरान के खिलाफ अमेरिका की दुश्मनी से भरी पालीसियों को नाकाम बताया......