मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने अपनी हुकूमत के दौरान 130 अरब डालर से ज़्यादा की राशि मुल्क से बाहर भेजी।
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार कि जिसने अल-मिस्रीयून के हवाले से लिखा है कि वर्ड बैंक की रिपोर्ट से पता चलता है कि मुबारक और उसकी फ़ैमिली ने अपने 30 साल के शासनकाल में 130 अरब डालर से ज़्यादा की राशि मुल्क से बाहर भेजी है जिसमें से 54 अरब डालर पिछले आठ सालों में चुराये गए हैं।
इसी सिलसिले में इंगलैण्ड में अपराध के खिलाफ लड़ाई के डिपार्टमेंट के एक मिनिस्टर ने क़ाहिरा के अपने दौरे के बीच इस सम्पति को वापस लौटाने को लेकर शर्त लगाई है। उसने एक प्रेस कांफ़्रेंस के दौरान कहा कि ब्रिटेन मिस्र की चुराई गई दौलत को वापस पलटाने का इरादा रखता है लेकिन ज़रूरी है कि पहले हम निश्चिंत हो जायें कि यह दौलत ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से हासिल की गई है और यह काम बहुत मुश्किल है।
उसने इस बड़ी राशि को वापस पलटाने की समय सीमा तय करने से इंकार करते हुए कहा कि समय सीमा तय नहीं की जा सकती है चूँकि जांच पड़ताल में अच्छा खासा समय लगेगा लेकिन हम आपको इत्मिनान दिलाना चाहते हैं कि हम इस काम में देर नहीं करना चाहते हैं और यह काम हमारे हित में भी नहीं है।
ज्ञात रहे मिस्र के एक न्यायालय ने कुछ दिन पहले हुस्नी मुबारक से 30 लाख डालर लेकर करेप्शन के एक के केस की फाइल बंद करने का ऐलान किया था।
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