एक वहाबी मुफ़्ती ने किसी भी तरह के इलेक्शन को काफ़िरों के अनुसरण से उपमा देते हुए उसे हराम बताया है। अल-आलम टीवी की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के बादशाह की तरफ़ से मिम्बर आफ़ पार्लियामेंट के अपॉइंटमेंट और समाजिक हलक़ों मे चुनाव कराए जाने की ताकीद को लेकर हो रहे विरोधों के बीच वहाबी मुफ़्ती शेख़ अब्दुर्रहमान बर्राक ने अपने ताज़ा फ़त्वे में चुनाव कराये जाने को हराम बताते हुए उसे काफ़िरों की देखादेखी बताया है।उसने अपने फ़त्मे में कहा है कि मिम्बर आफ़ पार्लियामेंट के अपॉइंटमेंट का यह तरीक़ा काफ़िरों के यहां प्रचलित है और उस पर अमल करना दीन की निगाह से हराम है।उसने कहा कि इस काम से आलिम जाहिल, मर्द और औरत सब बराबर हो जाएंगे जो अक़्ल और दीन के विपरीत है।........166
17 जनवरी 2013 - 20:30
समाचार कोड: 382836
एक वहाबी मुफ़्ती ने किसी भी तरह के इलेक्शन को काफ़िरों के अनुसरण से उपमा देते हुए उसे हराम बताया है.......