17 जनवरी 2013 - 20:30

पाकिस्तान की ख़ूनी घटनाओं की खबर ने हर इंसान के दिल को आहत किया है वहाबी आतंकवादी गुटों के हाथों क्वेटा पाकिस्तान के मज़लूम शियों का बर्बर क़त्ल ऐसी चीज़ नहीं है कि जिसकी आसानी से अनदेखी कर दी जाए......

पाकिस्तान की ख़ूनी घटनाओं की खबर ने हर इंसान के दिल को आहत किया है वहाबी आतंकवादी गुटों के हाथों क्वेटा पाकिस्तान के मज़लूम शियों का बर्बर क़त्ल ऐसी चीज़ नहीं है कि जिसकी आसानी से अनदेखी कर दी जाए। एक अरसे से इस शहर के मज़लूम लोग आतंकवादी हमलों का निशाना बन रहे हैं, और व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से क़त्ल किए जा रहे हैं।इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के ज़ायेरीन रास्ते में हमले का शिकार होते हैं और केवल इस जुर्म में उनका क़त्ल  कर दिया जाता है कि वह अपने इमाम की ज़ियारत करके आए हैं। ऐसी बर्बर कार्रवाईयाँ मानवाधिकार और आज़ादी के तथाकथित ठेकेदारों की निगाहों के सामने अंजाम पाते हैं और इंटर-नेशनल आर्गनाईज़ेशन ख़ामोश तमाशाई बने हुए हैं।निःसंदेह इस उपद्रव का मक़सद मुसलमानों में लड़ाई झगड़ा कराना और बरादरी व भाईचारे के वातावरण को भाईयों क़त्ल में तब्दील करना है। यह बात दिन के उजाले की तरह स्पष्ट है कि मुसलमानों के विवाद से केवल अमेरिका, ब्रिटेन, इस्राईल और उनके सहयोगियों को लाभ पहुंचता है।इस बात की सख्त जरूरत है कि पाकिस्तान सरकार ताज़ा ख़ूनी दुर्घटना के शिकार लोगों के परिजनों के साथ संवेदना व सहानुभूति प्रकट करे और पाकिस्तान के शियों की मांगों को पूरा करते हुए शांति व सुकून उपलब्ध कराने के लिए ज़रूरी कदम उठा कर इस्लाम दुश्मन ताकतों की साजिशों को नाकाम बना दे।जामिया मुदर्रेसीन क़ुम, पाकिस्तान की ताज़ा ख़ूनी घटनाओं की निंदा करते हुए शहीद होने वाले लोगों के परिजनों और परिवार वालों की सेवा में संवेदना पेश करता है इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों को गिरफ़्तार करके उनको उनके किये की सज़ा दिलाये जाने और देश के शियों के जानी और माली शांति व सुकून की पाकिस्तान सरकार से मांग करता है।वस्सलामो अलैकुम और रहमतुहल्लाह व बरकातोहमुहम्मद यज़दीचैयरमैन सुप्रीम काउंसिल जामिया-ए-मुदर्रेसीन क़ुम