''हुसैन और हिंदुस्तान 'के शीर्षक से पानीपत में बारह जनवरी को हुसैनी ब्राह्मणों के इतिहास में अंजाम पाने वाली कॉन्फ़्रेंस जिसका आयोजन पानीपत के ऐतिहासिक शहर में हुआ, बहुत कामयाब रही, हिंदुस्तान के ब्राह्मणों का एक बड़ा वर्ग प्रभावी रूप से जीवन बिताता है।
कुछ ब्राह्मणों का मानना है कि जब उन्हें यज़ीद और हुसैन अ. के बीच घटित होने वाली लड़ाई की खबर मिली तो ब्राह्मणों के एक गिरोह ने हिंदुस्तान से इराक़ की ज़मीन की तरफ़ कूच किया ताकि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की मदद कर सकें।
जब यह लोग इराक़ की ज़मीन पर पहुंचे तो कर्बला की दर्दनाक घटना हो चुकी थी और हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके जान निछावर करने वाले साथी अपनी जान निसार कर शहीद हो चुके थे। यह ब्राह्मण गिरोह इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के ख़ून का बदला लेने के लिए कूफ़े में मुख़्तार के सिपाहियों से जुड़ गया और सभी लोग मुख़्तार सक़फ़ी के साथ जंग में शामिल होकर शहीद हो गये। इसके बाद से ब्राह्मणों के परिजनों ने हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद में अज़ादारी शुरू कर दी और खुद को हुसैनी ब्राह्मण का नाम दिया। मुहर्रम के दिनों में हुसैनी ब्राह्मण ख़ास अंदाज़ में मजलिस, मातम और नौहा और मर्सिये का आयोजन करते हैं और हिन्दी, संस्कृति, पंजाबी उर्दू और कश्मीरी आदि में नौहा और मर्सिया के शेर लिखते हैं।
हुसैन और हिंदुस्तान नामक कॉन्फ़्रेंस, ऐसी पहली कॉन्फ़्रेंस थी जो दिल्ली के पास स्थित पानीपत में आयोजित हुई, इस कॉन्फ्रेंस में हिंदुस्तान की मशहूर हस्तियों जैसे मिम्बर ऑफ़ पार्लिमेंट श्रीमती प्रिया दत्त जो कि मशहूर फिल्म स्टार सुनील दत्त की बेटी और संजय दत्त की बहन हैं, और पंजाब के पूर्व गवर्नर श्री पी. के. एन छाबरा और मशहूर हस्ती प्रोफेसर कश्मीरी लाल जिनका शुमार हुसैनी ब्राह्मणों में होता है इस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया।
इस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा पार्लिमेंट के स्पीकर कुलदीप शर्मा और हरियाणा में बे जी पी पार्टी के सेक्रेटरी मिस्टर होमेाल के ब्राह्मण, ने खास मेहमान के रूप में हिस्सा लिया।
इस कॉन्फ्रेंस में कुछ शिक्षकों ने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और कर्बला की घटना के संदर्भ में मर्सिया और शेर पढ़े और अंत में मेरठ से जनाब मौलाना अब्बास इरशाद और जनाब मौलाना अतहर काज़मी ने फ़ल्सफ़ए शहादत पर रौशनी डाली।
इसके बाद उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा से आई मातमी अंजुमनों ने पानीपत की सड़कों पर जुलूस निकाल कर मातम किया और नौहे पढ़े।
वस्सलाम
महदी ख्वाजा पीरी
डायरेक्टर नूर मैक्रोफ़िल्म,, कल्चर हाउस, नई दिल्ली
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