6 जनवरी 2013 - 20:30

बहरैन के सर्वोच्च न्यायालय ने 13 प्रसिद्ध राजनैतिक कार्यकर्ताओं को दी गयी सज़ा का समर्थन किया है। इन लोगों को आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध जो इस देश की सत्ता पर 230 वर्षों से अधिक समय से क़ब्ज़ा जमाए हुए है, प्रदर्शन आयोजित करने के कारण दंड दिया गया।

बहरैन के सर्वोच्च न्यायालय ने 13 प्रसिद्ध राजनैतिक कार्यकर्ताओं को दी गयी सज़ा का समर्थन किया है। इन लोगों को आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध जो इस देश की सत्ता पर 230 वर्षों से अधिक समय से क़ब्ज़ा जमाए हुए है, प्रदर्शन आयोजित करने के कारण दंड दिया गया।

मोहम्मद अलजिशी ने रोयटर्ज़ को सोमवार को बतायाः यह निर्णय अंतिम है, अब और अपील की संभावना नहीं है। यह मुक़द्दमे का अंतिम चरण है।  

बहरैन की एक सैनिक अदालत ने 2011 में ये सज़ा सुनाई थी। इस निर्णय को कि जिसमें 5 वर्षों के कारावास से आजीवन कारावास की सज़ा शामिल है, एक नागरिक न्यायालय ने सितंबर 2012 में अनुमोदित किया।  

जिन कार्यकर्ताओं को दंड दिया गया है उसमें प्रसिद्ध कार्यकर्ता अब्दुलहादी अलख़वाजा और विपक्षी नेता हसन मुशैमा शामिल हैं।  

दूसरी ओर इस सज़ा के विरुद्ध न्यायालय के बाहर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

हज़ारों लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण नौकरियों से निकाल दिया गया और बहुत से डाक्टरों और नर्सों को इसलिए जेल में डाल दिया गया क्योंकि उन्होंने बहरैनी पुलिस की बर्बरता में घायल होने वाले आम लोगों का उपचार किया था।

बहरैनी जनता का कहना है कि जब तक प्रजातांत्रिक तरीक़े से चुनी गयी सरकार के गठन की उसकी मांग पूरी नहीं हो जाती उस समय तक आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध उसका प्रदर्शन जारी रहेगा।

बहरैन में अमरीका का पांचवां नौसैनिक बेड़ा है।