30 दिसंबर 2012 - 20:30

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि इस्लामी क्रांति का मूल सिद्धान्त, जनता की उपस्थिति पर टिका है औज्ञ यदि जनता भूमिका नहीं निभाएगी तो राजनेताओं और राजनीतिक दलों से कुछ नहीं बन पड़ेगा.......

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि इस्लामी क्रांति का मूल सिद्धान्त, जनता की उपस्थिति पर टिका है औज्ञ यदि जनता भूमिका नहीं निभाएगी तो राजनेताओं और राजनीतिक दलों से कुछ नहीं बन पड़ेगा। वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने सोमवार को स्वास्थ्य व चिकित्सा के क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं से भेंट में स्वास्थ्य व चिकित्सा को ईरान के बहुत से विषयों पर प्राथमिकता प्राप्त होने पर बल देते हुए कहा कि देश के अधिकारियों को इस प्रकार से योजनाएं बनानी चाहिएं कि जनता , स्वास्थ्य और चिकित्सा की ओर से निश्चिंत हो जाए। वरिष्ठ नेता ने देश में इस प्रकार के स्वास्थ्य संगठनों की उपस्थिति को महत्वपूर्ण व आवश्यकत बताया और स्पष्ट किया कि बंद विभागीय व्यवस्था को बढ़ावा देकर जन संगठनों व संस्थाओं की भूमिका को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सेवा से ईश्वर से प्रसन्न होता है और कोई भी भला काम ईश्वर की दृष्टि से दूर नहीं होता।