संसद सभापति डाक्टर अली लारीजानी ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र ने 29 दिसम्बर को इस्लामी क्रांति और विलायते फ़क़ीह का समर्थन करके इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी साम्राज्यवाद ने हालिया शताब्दी और पिछले 34 वर्षों के दौरान ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध घिनौनी कार्यवाही की है। उन्होंने कहा कि पश्चिम ने ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध अपनी घिनौनी कार्यवाही के अंतर्गत वर्ष 2009 में आशूरा के दिन, इस्लाम, क्रांति और जनता के विरुद्ध एक और षड्यंत्र रचा था और उस दिन इस्लामी आस्थाओं का अनादार और विलायते फ़क़ीह का अपमान किया गया। उन्होंने कहा कि आज भी शत्रु नई मांगे करके ईरान के विरुद्ध षड्यंत्र रचने में व्यस्त हैं किन्तु उनके षड्यंत्रों को विफल बनाने के लिए ईरानी राष्ट्र पूरी तरह होशियार है। ज्ञात रहे कि वर्ष 1388 हिजरी शम्सी के दई माह की छह तारीख़ को राजधानी तेहरान में आशूरा के जूलूस में भाग लेने वालों पर विदेशियों के एजेन्टों ने आक्रमण किया जिसके उत्तर में दई की नौ तारीख़ को ईरान की जनता ने पूरे ईरान में व्यापक प्रदर्शन करके क्रांति और इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के समर्थन की घोषणा की। ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔ 166
25 दिसंबर 2012 - 20:30
समाचार कोड: 375838
संसद सभापति डाक्टर अली लारीजानी ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र ने 29 दिसम्बर को इस्लामी क्रांति और विलायते फ़क़ीह का समर्थन करके इतिहास रच दिया۔۔۔۔۔۔۔۔