मिस्र में राष्ट्रपति मुरसी द्वारा समर्थित संविधान के मसौदे के विरुद्ध विपक्ष का प्रदर्शन का आह्वान बड़ी संख्या में लोगों को सड़कों पर नहीं ला सका। विपक्ष के आह्वान पर मंगलवार को लगभग 2000 लोग क़ाहेरा में राष्ट्रपति भवन के बाहर एकत्रित हुए और तहरीर स्कवाएर पर कुछ सौ लोग ही इस मसौदे के विरुद्ध प्रदर्शन में उपस्थित हुए। पिछले सप्ताह मिस्र में हुए प्रदर्शनों की तुलना में मंगलवार के प्रदर्शन में लोगों ने कम संख्या में भाग लिया। यह विरोध प्रदर्शन मिस्र में 15 दिसंबर को संविधान के मसौदे पर क़ाहेरा और इस्कंदरिया समेत कई नगरों में पहले चरण के हुए जनमत संग्रह के पश्चात आयोजित हुए। अनाधिकारिक सूत्रों के अनुसार पहले चरण में लगभग 57 प्रतिशत मिस्रियों ने संविधान के मसौदे का समर्थन किया। दूसरे चरण के जनमत संग्रह के लिए 22 दिसंबर को मतदान होगा। मंगलवार के प्रदर्शन में भाग लेने वाले एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम संविधान से सहमत नहीं हैं। हम जनमत संग्रह को मान्य नहीं समझते। 17 दिसंबर को मिस्र में न्यायधीशों के एक गुट ने कहा है कि वे दूसरे चरण के जनमत संग्रह के मतदान का निरीक्षण नहीं करेंगे। ............. 166
18 दिसंबर 2012 - 20:30
समाचार कोड: 373764
मिस्र में राष्ट्रपति मुरसी द्वारा समर्थित संविधान के मसौदे के विरुद्ध विपक्ष का प्रदर्शन का आह्वान बड़ी संख्या में लोगों को सड़कों पर नहीं ला सका।