फ़ार्स न्यूज़ एजेंसीः फ़िलिस्तीन के अवैध रूप से क़ब्जा किए गए इलाक़े के रहने वाले एक रब्बी (यहूदी धर्मगुरू) जो शास नामक जायोनी सोच का प्रचार करने वाले एक कट्टरपंथी ग्रुप से रिलेटेड थे अपने परिवार सहित मुसलमान हो गए हैं। अल-मिनार न्यूज़ नेटवर्क के हवाले से फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने रिपोर्ट दी है कि फ़िलिस्तीन के अवैध रूप से क़ब्जा किए गए इलाक़े के रहने वाले रब्बी यूसुफ़ कोहीन जो जायोनी सोच का प्रचार करने वाले शास नामक एक कट्टरपंथी ग्रुप से रिलेटेड थे अपने परिवार सहित मुसलमान हो गए हैं। कोहीन ने जो एक अमेरिकन इस्राईली हैं, इंटेरनेट द्वारा एक मुसलमान कुवैती मौलाना से सम्पर्क बनाया और दो साल की अवधि में इस्लाम से अवगत हुए और इसके बाद उन्होंने बैतुल-मुक़द्दस के एक मुसलमान मौलाना से सम्पर्क स्थापित किया। उसके बाद उन्होंने अंग्रेज़ी में क़ुरआन सीखा और कुछ दिनों के बाद आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया कि न केवल ख़ुद बल्कि उनके पूरे परिवार ने इस्लाम क़बूल कर लिया है। यूसुफ़ कोहीन को कि जिन्होंने अपना नाम बदल कर यूसुफ़ मुहम्मद रख लिया है और उनकी उम्र 36 साल है, इस्लाम क़बूल करने के बाद से जायोनी होम मिनिस्टरी की तरफ़ से बहुत ज़्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। उनके इस्लाम के ऐलान ने यहूदियों की दीनी सभाओं में ख़ास कर कट्टरपंथी ग्रुप शास में हड़कम्प मचा दिया है यहां तक कि इस ग्रुप के एक मिम्बर ने यहां तक कह डाला कि यूसुफ़ कोहीन ने पागलपने की हरकत की है और पागलखाने में उनका इलाज होना चाहिए। इस जायोनी रब्बी के इस्लाम लाने से उसे अपमान करना पड़ा, उसकी हंसी उड़ाई गई और इस बात के डर से कि कहीं और इस्राईली मुसलमान न हो जाएं उनके मां बाप को भी जो मुसलमान भी नहीं हुए हैं परेशान किया जा रहा है। यह इस्राईली रब्बी मुसलमान होने के बाद आज बैतुल मुक़द्दस के इस्लामी चैरिटेबल सुसाइटी में काम कर रहा है। लेकिन इस्लामी दुनिया में कुछ लोग उसके इस्लाम लाने पर संदेह कर रहे हैं। फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले इस्राईली न्यूज़ Yedioth Ahronot ने मुसलमानों के सेटेलाईट और इंटरनेट पर इस्लाम के प्रचार इस्राईली समाज में मुसलमान प्रचारकों के हवाले से लिखा था कि हर साल 20 यहूदी मुसलमान होते हैं।
15 दिसंबर 2012 - 20:30
समाचार कोड: 372881
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसीः फ़िलिस्तीन के अवैध रूप से क़ब्जा किए गए इलाक़े के रहने वाले एक रब्बी (यहूदी धर्मगुरू) जो शास नामक जायोनी सोच का प्रचार करने वाले एक कट्टरपंथी ग्रुप से रिलेटेड थे अपने परिवार सहित मुसलमान हो गए हैं।