12 दिसंबर 2012 - 20:30
समाचार कोड: 372101
फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास ने मुसलमानों की एकता तथा आठ दिवसीय ग़ज़्ज़ा युद्ध में फ़िलिस्तीनियों के साहसी प्रतिरोध की सराहना पर आधारित ईरान की इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के बयान पर आभार व्यक्त किया है.......
फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास ने मुसलमानों की एकता तथा आठ दिवसीय ग़ज़्ज़ा युद्ध में फ़िलिस्तीनियों के साहसी प्रतिरोध की सराहना पर आधारित ईरान की इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के बयान पर आभार व्यक्त किया है।
हमास ने एक बयान में कहा है कि जब क्षेत्र अपने कठिन दौर से गुज़र रहा है और उसे अनेक प्रकार के षडयंत्रों का सामना है, इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने एक बार फिर अपने एकता प्रवाहक और दिशनिर्देशक बयान से निगाहों को क्षेत्र की मूल्य समस्या अर्थात फ़िलिस्तीन संकट और उपद्रव तथा अशांति के मूल कारण अर्थात इस्राईल के अशिष्ट अस्तित्व की ओर केन्द्रित करवाया है। हमास ने अपने बयान में कहा है कि फ़िलिस्तीनी संगठनों के उदाहरणीय प्रतिरोध की इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई की ज़बान के तारीफ़ ने शत्रुओं के षडयंत्रों को विफल बना दिया है। बयान में कहा गया है कि यह संगठन फ़िलिस्तीन की अत्याचार पीड़ित जनता और फ़िलिस्तीनी संघर्षकर्ताओं के लिए इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के निरंतर समर्थन की सराहना करता है और संचार माध्यमों पर बल देता है कि वे इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के बयानों पर सूक्ष्मता से ध्यान दें, सूचनाओं का सही ढंग से प्रसारण करें और इस्राईली पिट्ठुओं की अफ़वाहों से दूर रहें।
ज्ञात रहे कि इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने तेहरान में इस्लामी जागरूकता और विश्वविद्यालय के प्रध्यापक सम्मेलन के मेहमानों को संबोधित करते हुए इस्राईली अतिक्रमण के मुक़ाबले में फ़िलिस्तीनी जनता के साहसी प्रतिरोध की सराहना की और कहा कि कोई यह विश्वास नहीं कर सकता था कि फ़िलिस्तीनियों और इस्राईल के मध्य युद्ध हो और फिर युद्ध विराम की शर्तें फ़िलिस्तीनियों की ओर से रखी जाएं।