राष्ट्रपति डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने तेहरान में मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षक और इस्लामी जागरुकता शीर्षक के अंतर्गत आयोजित होने वाली कांफ़्रेंस को संबोधित करते हुए सामाजिक सुधार में विद्वानों और अध्यापकों की भूमिका को महत्त्वपूर्ण बताते हुए कहा कि चेतना से तात्पर्य कदापि नींद से जागना या राजनैतिक एवं आर्थिक विषयों की जानकारी प्राप्त कर लेना नहीं है बल्कि मनुष्यों को मानवीय की वास्तविकता की ओर लौटने को चेतना कहा जाता है। उन्होंने कहा कि जागरुकता का अर्थ यह है कि मनुष्य अपनी वास्तविकता को पहचाने और अपने दायित्वों को समझे और जिसने स्वयं को भुला दिया, सुधार और परिपूर्णता उसके लिए निरर्थक है। राष्ट्रपति डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने कहा कि विश्व के सुधार के लिए पहला क़दम मनुष्य का सुधार है। राष्ट्रपति ने यह बयान करते हुए कि शैतान का प्रयास लोगों को स्वयं से निश्चेत कर देना है, कहा कि आज विश्व की समस्त समस्याओं की जड़ यह है कि कुछ लोगों ने अपनी वास्तविकता को भुला दिया है और समस्त अत्याचारों, युद्धों, जनसंहारों, सुनोयोजित लूटपाटों, साम्राज्यवाद और ज़ोरज़बरदस्ती का मुख्य कारण यही है।ज्ञात रहे कि तेहरान में मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षक और इस्लामी जागरुकता शीर्षक के अंतर्गत दो दिवसीय कांफ़्रेंस आज से आरंभ हुई जिसमें विश्वभर के 600 से भी अधिक प्रोफ़ेसर भाग ले रहे हैं।...........166
9 दिसंबर 2012 - 20:30
समाचार कोड: 371287
राष्ट्रपति डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने तेहरान में मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षक और इस्लामी जागरुकता शीर्षक के अंतर्गत आयोजित होने वाली कांफ़्रेंस को संबोधित करते हुए सामाजिक सुधार में विद्वानों और अध्यापकों की भूमिका को महत्त्वपूर्ण बताते हुए कहा.....