इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि राजनीतिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी पर दबाव डालने से किसी समस्या का समाधान नहीं होने वाला है।
राष्ट्रपति महमूद अहमदी नेजाद ने सोमवार को तेहरान में स्वीडन के नये राजदूत से भेंट में इस बात का उल्लेख करते हुए कि अमरीका ने गत कई वर्षों के दौरान विभिन्न बहाने से ईरानी राष्ट्र का विरोध किया है और आज भी उसने अपने इसी विरोध को जारी रखने के लिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बहाना बना रखा है, कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के पास चूंकि परमाणु बम नहीं है और न ही उसे प्राप्त करना चाहता है और इस प्रकार के शस्त्रों को अनुपयोगी समझता है इस लिए उसे किसी प्रकार की कोई चिंता नहीं है।
राष्ट्रपति ने इस बात पर बल देते हुए कि विश्व की परिस्थितियां इस प्रकार की हैं कि अब कोई देश परमाणु शस्त्र प्राप्त नहीं कर सकता स्पष्ट किया कि यह संस्कृति, मानवता व तर्क का युग है तथा परमाणु बम उस युग के लिए था जब कुछ देश पूरे विश्व पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम का राजनतिक मुद्दा बना दिया गया है और अमरीका ३३ वर्षों से ईरानी राष्ट्र के विरोध में खडा है और इसका परमाणु कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है क्योंकि इस से पूर्व यही अमरीकी सरकार ईरान की तानाशाही सरकार तथा उसके परमाणु कार्यक्रम का समर्थन करती थी किंतु जब ईरानी राष्ट्र ने उस तानाशाह को हटा दिया तो अब वह ईरानी राष्ट्र के विकास का विरोध कर रहा है।
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