: أنا قتیل العبرة لا یذکرنی مؤمنٌ إلّا استعبَرَइमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया कि मेरे जद इमाम ह़ुसैन अलैहिस्सलाम ने फ़रमायाः “ मैं वह शहीद हूँ जिसे रुला रुला कर मारा गया है और जिस मोमिन के सामने भी मेरी (मुसीबतें) बयान की जायेंगी उसकी आँखों से आंसू जारी हो जायेगा”। (कामेलुज़ ज़ियारात पेज 215)