इराक़ के सुरक्षा व उपचारिक सूत्रों ने बताया कि बग़दाद में मोहर्रम की शोकसभाओं के दौरान तीन आतंकवादी कार बम के हमले में कम से कम 23 लोग हताहत और दर्जनों घायल हुए।
सबसे घातक हमला मंगलवार को बग़दाद के शोला इलाक़े में हुआ जहां एक उपासना स्थल के बाहर खड़ी की गयी कार उस समय विस्फोटित हुयी जब लोग इस उपासना स्थल से निकल रहे थे।
इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी पुलिस कर्मी हेशाम अब्बास ने कहाः मैंने ज़मीन पर बहुत ख़ून देखा। फटे कपड़े और जूते आस पास बिखरे पड़े थे।
दूसरा आतंकवादी कार बम बग़दाद के ग़राएत इलाक़े में फटा जिसमें 7 व्यक्ति हताहत हुए और तीसरा आतंकवादी बम हुर्रियत इलाक़े में विस्फोटित हुआ और इसमें भी 7 व्यक्ति हताहत हुए।
ज्ञात रहे ये हमले आशूर के दो दिन पश्चात हुए जो इस्लामी कलैंडर के अनुसार पहले महीने मोहर्रम की दस तारीख़ को मनाया जाता है। दस मोहर्रम सन 61 हिजरी क़मरी को पैग़म्बरे इस्लाम के नाती हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके निष्ठावान साथियों को तत्कालीन उमवी शासक यज़ीद की सेना ने इराक़ के कर्बला नामक मरुस्थलीय इलाक़े में शहीद कर दिया था। हर वर्ष दसियों लाख श्रद्धालु आशूर को कर्बला जाते हैं और इमाम हुसैन की शहादत का शोक मनाते हैं।
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