26 नवंबर 2012 - 20:30

ईरान द्वारा अमेरिकी चालक रहित विमान RQ-170 के कोड के रहस्योदघाटन की ख़बर ने अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (C.I.A) को बौखलाने पर मजबूर कर दिया है.........

भारत में सुप्रीम लीडर के प्रतीनिधि की साईट (welayat.in/hindi) की रिपोर्ट के अनुसार ईरान द्वारा अमेरिकी चालक रहित विमान RQ-170 के कोड के रहस्योदघाटन की ख़बर ने अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (C.I.A) को बौखलाने पर मजबूर कर दिया है।इस साईट ने रजा न्यूज़ की रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि कुछ रिपोर्टों से पता चलता है कि अमेरिकी चालक रहित विमान RQ-170 (कि जिसे पिछले साल ईरान ने अपनी ज़मीन पर उतार लिया था) के कोड के रहस्योदघाटन की ख़बर लीक होने के बाद अफ़ग़ानिस्तान में सी.आई.ए के अड्डे में खलबली मच गई है और सी.आई.ए अधिकारी नए सिरे से इस अड्डे के अमेरिकी और अफ़ग़ानी कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं ताकि मालूम कर सकें कि किस तरह ईरान ने इन कोड को तोड़ने में कामयाबी हासिल की।ईरान के एटमी प्रोग्राम की साईट (irannuc.ir) ने भी रिपोर्ट दी है कि अमेरिका का दावा है कि चालक रहित विमान RQ-170 में ये विशेषता पाई जाती है कि किसी भी जोखिम में पड़ने पर अपने अंदर पाई जाने वाली सारी संवेदनशील जानकारियों को नष्ट कर दे।चालक रहित विमान RQ-170 का सम्बंध, कि जिसे पिछले साल ईरान ने कामयाबी के साथ अपनी ज़मीन पर उतार लिया था, उन ख़ास टेक्नालोजी से है कि जो सी.आई.ए के हाथ में है।इस चालक रहित विमान RQ-170 के कोड के पता चल जाने का मतलब यह है कि ईरान उन सारी जानकारियों तक पहुंच जाएगा कि जिसमें सी.आई.ए के गुप्त आपरेशनों का विवरण भी शामिल है।इसके अतिरिक्त इस कोड का रहस्योदघाटन, ईरान के हार्डवियर और साफ़्टवियर पर हावी होने का सूचक है कि ईरान सी.आई.ए की इन्फोर्मेशन्स के सिक्योरिटी सिस्टम तक पहुंच चुका है।इसलिए इस सम्भावना के अतिरिक्त कि ईरान RQ-170 के जानकारियों से लाभ उठाए, प़्युचर में अमेरिका के दूसरे ड्रोनों को भी अपने कंट्रोल में ले सकता है या बेसिक रूप से यह भी सम्भव है कि अमेरिकन ड्रोनों के सैटेलाइट से सम्बंध व सम्पर्क के जटिल सिस्टम में भी प्रवेश कर जाए।इस रिपोर्ट के अनुसार अमरीकियों ने दो तत्काल कार्यवाहियों को अपने एजेंडे में रखा है।1. अपने ड्रोनों को कंट्रोल करने वाले अड्डे को उस समय तक के लिए अफ़ग़ानिस्तान से किसी दूसरी जगह स्थांतरित करें जब तक कि उन्हें विश्वास न हो जाए कि ईरान के प्रभाव पर कंट्रोल कर लिया गया है।2. मौजूदा ड्रोनों को आसमानी रंग में रंगना ताकि ईरान द्वारा उनका पहचानना मुश्किल हो।तेहरान में विश्लेषकों का कहना है कि अगर ईरान, चालक रहित विमान RQ-170 से हासिल हुई जानकारियों के आपरेशनल उपयोग के चरण में दाख़िल हो जाए तो उस सूरत में इलाक़े में अमेरिका के तमाम खुफिया आपरेशनों की स्ट्रॅाटेजी जो अधिकतर ड्रोनों पर आधारित है, गंभीर रूप से से प्रभावित हो जाएगी।.....166