26 नवंबर 2012 - 20:30

ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता एक बार फिर ज़ायोनी शासन के अतिग्रहण व अतिक्रमण के मुक़ाबले में फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के समर्थन पर बल दिया है.........

ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता एक बार फिर ज़ायोनी शासन के अतिग्रहण व अतिक्रमण के मुक़ाबले में फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के समर्थन पर बल दिया है।रामीन मेहमान परस्त ने ईरानी टीवी जामे जम से बात करते हुए ग़ज़्ज़ा और इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन के समर्थन के बारे में इस्लामी गणतंत्र ईरान की सरकारी नीति के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि ईरान के संविधान के अनुसार अत्याचारियों के मुक़ाबले में संसार के सभी अत्याचारग्रस्त राष्ट्रों विशेष कर फ़िलिस्तीनी राष्ट्र का समर्थन किया जाना चाहिए। उन्होंने फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के अधिकारों की बहाली, फ़िलिस्तीनियों की मातृभूमि से ज़ायोनियों के निष्कासन और वहां स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक चुनावों के आयोजन को फ़िलिस्तीन समस्या का सबसे अच्छा समाधान बताया। विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने ईरान व गुट पांच धन एक के बीच होने वाली वार्ता के बारे में कहा कि ईरान की वार्ताकार टीम ने स्पष्ट रूप से घोषणा कर दी है कि वार्ता के लिए दबाव को दूर रखते हुए तर्कसंगत व्यवहार अपनाया जाना चाहिए। मेहमान परस्त ने इसी प्रकार अमरीका के साथ वार्ता के बारे में कहा कि गुप्त वार्ता की कोई आवश्यकता नहीं है और जब तक अमरीका की शर्तें जारी रहेंगी तब तक वार्ता की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने इसी प्रकार बूशहर परमाणु बिजली घर के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि इस बिजलीघर के निर्माण का काम पूरा हो चुका है और अब हम ऐसे चरण में हैं जब ईरानी विशेषज्ञ इस बिजलीघर का संचालन अपने हाथ में ले सकते हैं। ईरानी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने इसी प्रकार सीरिया और इस देश की राष्ट्रीय संधि के बारे में कहा कि सीरिया में हिंसा की समाप्ति और देश व्यापि चुनावों का आयोजन, इस संकट का एकमात्र समाधान है।..........166