15 अक्टूबर 2012 - 20:30

सुप्रीम लीडर ने ज़ोर दिया है कि पश्चिम के वर्चस्ववादी व सामराजी मुल्क अपनी इच्छाओं के आगे ईरानी क़ौम को झुकाने की ताक़त नहीं रखते........

सुप्रीम लीडर ने ज़ोर दिया है कि पश्चिम के वर्चस्ववादी व सामराजी मुल्क अपनी इच्छाओं के आगे ईरानी क़ौम को झुकाने की ताक़त नहीं रखते। सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने मंगल को उत्तरी खुरासान में पब्लिक के अलग तबक़ों और वर्गों तथा स्टेट के अफ़सरों से मुलाक़ात में, पश्चिमी व ज़ायोनी मीडिया के प्रोपगंडों की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह अपने इन हथकंडों द्वारा ईरान पर दबाव बना कर ईरान को बातचीत के लिए तैयार करना बताते हैं जबकि ईरान कभी भी परमाणु मुद्दे के साथ साथ किसी भी विषय पर बातचीत से दूर नहीं हुआ है जो उसे बातचीत पर तैयार किये जाने की ज़रूरत हो। सुप्रीम लीडर ने साफ़ किया कि जो लोग इस तरह के प्रचार का सियासी फार्मूला इस्तेमाल करते हैं उनका मक़सद, बातचीत के दौरान ईरानी क़ौम को घुटने टेकने पर मजबूर करना है लेकिन ईरान की संघर्ष करने वाली, दूरदर्शी और होशियार पब्लिक पश्चिम की अतार्किक मांगों के आगे कभी नहीं झुकेगी। सुप्रीम लीडर ने यूरोप और पश्चिम के मीडिया पर ज़ायोनियों के वर्चस्व की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह मीडिया कुछ इस तरह ख़बरे गढ़ते हैं, उन्हें दिशा देते हैं और समझाते हैं कि पश्चिमी राजनेता भी उनके प्रचारों से प्रभाव में आ जाते हैं। सुप्रीम लीडर ने ईरान में इस्लामी इंक़ेलाब के बाद ३३ सालों के दौरान विभिन्न दबावों, धमकियों और षडयंत्रों के बावजूद ईरान की कई गुना तेजी से होने वाली तरक़्क़ी की ओर इशारा करते हुए इसे मुल्क में एक सार्थक, वास्तविक व भीतरी ताक़त की निशानी बताया और कहा कि यह ठोस वास्तविकता व हक़ीक़त, दुशमनों के सामने इस्लामी रिपब्लिक ईरान की ताक़त को बयान करती है।