विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि विश्व में जहां भी आतंकवादी कार्यवाही होती है अमरीका और उसके घटकों के पदचिन्ह नज़र आते हैं। विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता रामीन मेहमान परस्त ने एक साक्षात्कार में कहा है कि अमरीका और उसके पश्चिमी घटक आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में दो मुखा व्यवहार रखते हैं जिसका एक उदाहरण ग्यारह सितम्बर की घटना के बाद अफ़ग़ानिस्तान पर आक्रमण है कि जिसमें एक लाख दस हज़ार से अधिक अफगान नागरिक मारे गये और जबकि इराक़ में भी अमरीका की सैन्य उपस्थिति के दौरान लाखों आम नागरिकों मारे गये। उन्होंने कहा कि रेगी के आतंकवादी गुट ने सीस्तान व बलोचिस्तान में ४०० से अधिक निर्दोष नागरिकों की हत्या की और उसका सरगना अफ़गानिस्तान में अमरीकी छावनियों में आवाजारी करता रहता था किंतु हमारे सुरक्षा बलों ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि आतंकवादी गुट रेगी के सरगना के बयानों से यह सिद्ध हो गया कि अमरीका उसके गुट की सहायता करता है। विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमरीका इस्लामी चेतना की लहर के कारण इस्राईल की सुरक्षा के उद्देश्य से आतंकवादियों और चरमपंथियों को प्रोत्साहित कर रहा है और इसका एक उदाहरण सीरिया है जहां अमरीका चरमपंथियों की भरपूर सहायता कर रहा है जिससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि अमरीका और पश्चिम आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई के दावे करते हैं किंतु व्यवहारिक रूप से आतंकवादियों का समर्थन और उनकी सहायता करते हैं।.......166
13 अक्टूबर 2012 - 20:30
समाचार कोड: 356455
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि विश्व में जहां भी आतंकवादी कार्यवाही होती है अमरीका और उसके घटकों के पदचिन्ह नज़र आते हैं.......