4 अक्टूबर 2012 - 20:30

बहरैन के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता ने सउदी समर्थित आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध और प्रदर्शन की अपील की है। बहरैन के मानवाधिकार केन्द्र के अध्यक्ष नबील रजब ने गुरुवार को मनामा में अपनी मां की शवयात्रा के दौरान यह अपील की.....

बहरैन के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता ने सउदी समर्थित आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध और प्रदर्शन की अपील की है।बहरैन के मानवाधिकार केन्द्र के अध्यक्ष नबील रजब ने गुरुवार को मनामा में अपनी मां की शवयात्रा के दौरान यह अपील की। नबील रजब ने कहाः आप सभी से मेरी अपील है कि राजधानी मनामा सहित हर स्थान पर जाकर प्रजातंत्र, सम्मान सहित दूसरे अधिकारों के लिए संघर्ष करें। ईश्वर ने चाहा तो हम सरकार के सामने सिद्ध कर देंगे यदि हमें जेल में डाल दे, हमें या हमारे परिवार को मार डाले फिर भी हम वापस आएंगे और इन दमनकारी नीतियों के विरुद्ध विजयी होंगे। उन्होंने कहा कि बहरैनी नागरिक के रूप में प्रजातंत्र, सामाजिक न्याय और समानता के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा।  ज्ञात रहे नबील रजब को आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध अनाधिकृत प्रदर्शन में भाग लेने के आरोप में तीन वर्ष के कारावास का दंड दिया गया है। उन्हें अपनी मां की शव यात्रा में भाग लेने के लिए कुछ समय के लिए स्वतंत्र किया गया था।मानवाधिकार संगठन एम्नेस्टी इंटरनेश्नल ने नबील रजब की तुरंत रिहाई की मांग करते हुए तर्क दिया है कि इस कार्यकर्ता को केवल इसलिए जेल में डाल दिया गया क्योंकि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को शांतिपूर्ण ढंग से व्यक्त कर रहे थे।ज्ञात रहे आले ख़लीफ़ा शासन बहरैन की सत्ता पर 230 वर्षों से अधिक समय से क़ब्ज़ा जमाए है जिसके विरुद्ध मध्य फ़रवरी 2011 से जनप्रदर्शनों का क्रम जारी है। इन प्रदर्शनों पर आले ख़लीफ़ा शासन के सुरक्षा बलों की बर्बरतापूर्ण कार्यवाही में बड़ी संख्या में लोग हताहत व घायल हुए। आले ख़लीफ़ा शासन ने हज़ारों लोगों को केवल इसलिए नौकरियों से निकाल दिया क्योंकि उन्होंने प्रजातंत्र की मांग लोकर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में भाग लिया था। इसी प्रकार बहरैन में बड़ी संख्या में डाक्टरों और नरसों को केवल इसलिए जेल भेज दिया गया क्योंकि इन लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान बहरैनी पुलिस की बर्बरता में घायल होने वालों का उपचार किया था।......166