1 अक्टूबर 2012 - 20:30

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि ग़ासिब ज़ायोनी शासन क्षेत्र में संकट को बढ़ाने का प्रयत्न कर रहा है......

अहलेबैत समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि ग़ासिब ज़ायोनी शासन क्षेत्र में संकट को बढ़ाने का प्रयत्न कर रहा है।अहमदी नेजाद ने तेहरान में राष्ट्रीय व विदेशी संवाददाताओं से बातचीत के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों पर ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री बिनयामेन नितिन याहू के निराधार दावों के बारे में कहा कि ज़ायोनी शासन क्षेत्र मैं तनाव में वृद्धि और ईरान को युद्ध के मैदान में लाना चाहता है।राष्ट्रपति ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान कभी भी किसी युद्ध की शुरुआत नहीं की है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में ज़ायोनी प्रधानमंत्री भड़काऊ बयान के मुक़ाबले में ईरानी प्रतिनिधिमंडल की होशियारी ने इस्राइली साजिश को नाकाम बना दिया।अहमदी नेजाद ने इसी प्रकार ईरान के खिलाफ अमेरिकी नीतियों को इस्राइली नीतियों से प्रभावित बताते हुए कहा कि अमेरिका को चाहिए कि ईरान की जनता के खिलाफ अपनी शत्रुतापूर्ण रुझान को बदले इसलिए कि इस रवय्ये का जारी रहना किसी भी रूप में अमेरिकी राष्ट्र और अमेरिकी सरकार के हित में नहीं होगा।राष्ट्रपति ने इसी तरह देशों के हितों के दायरे में संयुक्त राष्ट्र के ढांचे में परिवर्तन के बारे में ईरान के प्रस्ताव का बान की मून की ओर से स्वागत किए जाने की ओर इशारा करते हुए कहा कि न्यूयार्क सम्मेलन में गुट निरपेक्ष आंदोलन ने इसी क्षेत्र में इस आंदोलन की परियोजनाओं की समीक्षा की।उन्होंने ईरान में 20 प्रतिशत यूरोनियम उत्पादन से संबंधित पश्चिमी देशों के विरोध पर कहा कि ईरान ने हमेशा घोषणा की थी कि "आईएईए" ईरान की जरूरत का ईंधन प्रदान कर तो ईरान अपने परमाणु गतिविधियाँ रोक देगा लेकिन उन्होंने हमारी बात पर कान नहीं धरा इसलिए ईरान ने अपनी जरूरत के आधार पर ईंधन उत्पादन शुरू किया।........166