28 सितंबर 2012 - 20:30

इस बयान में पिछले बयानों की तरह, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही व सल्लम की शान में अपमान पर आधारित अमरीकी फ़िल्म की निंदा को दुनिया भर के सभी मुसलमानों का दायित्व जाना गया है। अमेरिका और फ्रांस में अमेरीकियों, जायोनियों और फ़्रांसीसियों द्वारा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही व सल्लम के लगातार अपमान पर विश्व अहलेबैत (अ) परिषद ने दूसरा महत्वपूर्ण बयान जारी किया है जिसमें इस तरह के पश्चिमी बयानों के मुकाबले में मुसलमानों के कर्तव्यों को वर्णित किया गया हैं..........

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार विश्व अहलेबैत (अ) परिषद ने मुस्लिम जनता, मुस्लिम देशों के शासकों, संयुक्त उद्योग और व्यापारिक संगठनों और कंपनियों से मांग की है कि अमेरिका, इस्राईल और फ्रांस से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही व सल्लम की शान में गुस्ताखियों के मद्देनजर विशेष कर उपरोक्त दो देशों और फ़िलिस्तीन को ग़स्ब करने वाले अवैध ज़ायोनी शासन के उत्पादनों के आयात और इस्लामी देशों में उन्हें बेचने से बचें।इस बयान में पिछले बयानों की तरह, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही व सल्लम की शान में अपमान पर आधारित अमरीकी फ़िल्म की निंदा को दुनिया भर के सभी मुसलमानों का दायित्व जाना गया है।अमेरिका और फ्रांस में अमेरीकियों, जायोनियों और फ़्रांसीसियों द्वारा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही व सल्लम के लगातार अपमान पर विश्व अहलेबैत (अ) परिषद ने दूसरा महत्वपूर्ण बयान जारी किया है जिसमें इस तरह के पश्चिमी बयानों के मुकाबले में मुसलमानों के कर्तव्यों को वर्णित किया गया हैं।بسم الله المنتقم"ياأَيُّهَا الَّذينَ آمَنُوا لا تَتَّخِذُوا الَّذينَ اتَّخَذُوا دينَکُمْ هُزُواً وَ لَعِباً مِنَ الَّذينَ أُوتُوا الْکِتابَ مِنْ قَبْلِکُمْ وَ الْکُفَّارَ أَوْلِياءَ وَ اتَّقُوا اللَّهَ إِنْ کُنْتُمْ مُؤْمِنين"۔ (سوره مائده ـ آیه 57)अनुवाद: "हे ईमान वालो! जिन लोगों ने तुम्हारे दीन को हंसी मजाक बना रखा है उनमें से जो तुम से पहले किताबें दी गई हैं और उनमें से जो काफ़िर हैं और अगर (वास्तव में) तुम मोमिन व विश्वासी हो तो अल्लाह से डरते रहो "।विश्व अहलेबैत (अ) परिषद सभी मुसलमानों, न्यायपूर्ण देशों और सभी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही व सल्लम के चाहने वालों का आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने रसूले इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही व सल्लम के प्यार और प्रेम से समर्पित होकर प्रदर्शनों, रैलियों, बयानों और अन्य उचित कार्रवाईयों और अपमान करने वाले देशों के उत्पादों के बहिष्कार के माध्यम से अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और अंतरराष्ट्रीय जायोनिज़्म के साम्राज्यवादी षड्यंत्रों और नीतियों और अमानवीय और शांति दुश्मन कदमों और इस्लामी आस्थाओं के अपमान जैसे निंदनीय कार्यों की निंदा की और इस अपराध के मुक़ाबले में डट कर खड़े हो गए।