27 सितंबर 2012 - 20:30

बहरैन की तानाशाही सरकार जनता के लोकतांत्रिक प्रदर्शनों को कुचलने के लिए बच्चों और युवाओं को गिरफ़तार कर रही है और उन्हें भी यातनाएं दे रही है.......

बहरैन की तानाशाही सरकार जनता के लोकतांत्रिक प्रदर्शनों को कुचलने के लिए बच्चों और युवाओं को गिरफ़तार कर रही है और उन्हें भी यातनाएं दे रही है।बहरैनी सरकार ने अपनी ताज़ा बर्बरतापूर्ण कार्यवाही में छोटे बच्चों को पूछगछ के लिए बुलाना आरंभ कर दिया है। अलमनार टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार बहरैन की एक अदालत ने आठ वर्षीय बच्चे को पूछताछ के लिए तलब किया है। अदालत ने यह क़दम एसे समय उठाया है कि जब इस देश की जेलों में दर्जनों छोटे बच्चे अपने जीवन के दिन व्यतीत कर रहे हैं। इन बच्चों पर आरोप है कि उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भाग लिया है।बहरैन के सबसे बड़े विपक्षी दल अलवेफ़ाक़ की नेता जलीली अस्सैयद का कहना है कि इस समय 84 बच्चे आले ख़लीफ़ा शाही सरकार की जेलों में बंद हैं जबकि 86 बच्चों और युवाओं को यातनाएं दी गई हैं। इन्हीं बच्चों में से एक 11 वर्षीय बच्चा अली हसन भी है जो किसी अपराध के बग़ैर न्यायाल में तलब किया गया है। अली हसन के बारे में कहा जाता है कि वह अपने साथी बच्चों के साथ खेल रहा था कि अचानक सुरक्षाकर्मियों ने उसे गिरफ़तार कर लिया। यह बच्चा एक महीने से जेल में बंद है।बहरैनी सरकार यह समझ रही है कि वह जनता के विरुद्ध हिंसा तेज़ करके उसे क्रान्ति के मार्ग के विचलित करने में सफल हो जाएगी किंतु सरकारी हिंसा में जैसे जैसे तीव्रता आ रही है जनता का आंदोलना उतना ही तेज़ होता जा रहा है।हाल ही में अलवेफ़ाक़ पार्टी ने जनता से अपील की है कि वह देश व्यापी प्रदर्शनों में भाग लेकर शाही सरकार के समापन की मांग दोहराए। .......166