13 सितंबर 2012 - 19:30

सुप्रीम लीडर ने ईरानी राष्ट्र और दुनिया भर के मुसलमानों के नाम अपने संदेश में इस्लाम और क़ुराने मजीद के मुक़ाबले में जायोनियों की नफरत और बैर के तर्कों को बताते हुए कहा है कि अगर विश्व साम्रज्यवाद के सरग़नाओं का दावा सही है कि "वह इस भोंडी साज़िश में शामिल नहीं हैं" तो उन्हें मुस्लिम राष्ट्रों के दिलों को आहत करने वाले इस घृणित और निंदनीय अपराध में लिप्त तत्वों और कारकों को इस बड़े अपराध के अनुसार सज़ा देनी चाहिए..........

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम लीडर ने ईरानी राष्ट्र और दुनिया भर के मुसलमानों के नाम अपने संदेश में इस्लाम और क़ुराने मजीद के मुक़ाबले में जायोनियों की नफरत और बैर के तर्कों को बताते हुए कहा है कि अगर विश्व साम्रज्यवाद के सरग़नाओं का दावा सही है कि "वह इस भोंडी साज़िश में शामिल नहीं हैं" तो उन्हें मुस्लिम राष्ट्रों के दिलों को आहत करने वाले इस घृणित और निंदनीय अपराध में लिप्त तत्वों और कारकों को इस बड़े अपराध के अनुसार सज़ा देनी चाहिए।بسم الله الرحمن الرحيمقال الله العزيز الحكيم: يُرِيدُونَ لِيُطْفِؤُوا نُورَ اللَّهِ بِأَفْوَاهِهِمْ وَاللَّهُ مُتِمُّ نُورِهِ وَلَوْ كَرِهَ الْكَافِرُونَ (سورہ صف آیت 8)यह (सत्यता के दुशमन) चाहते हैं कि अल्लाह का नूर अपने मुंह (की फूँकों) से बुझा दें, जबकि अल्लाह अपने प्रकाश को पूरा करने वाला है यद्धपि काफ़िर उसे कितना ही नापसंद करें।प्रिय ईरानी राष्ट्र एंव महान इस्लामी राष्ट्रोंइस्लाम के दुश्मनों के अपवित्र हाथ ने एक बार फिर पैगम्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलिही व सल्लम का अपमान करके अपनी गहरी दुश्मनी को प्रकट दिया और अपमानजनक और घृणित काम से मौजूदा दुनिया में इस्लाम और कुरान के दिन प्रति दिन बढ़ती चमक और उन्नति के कारण दुष्ट ज़ायोनियों के क्रोध को साबित कर दिया. इस अपराध और महान पाप के अपराधियों और इसमें शामिल तत्वों के मुंह काला होने के लिए यही काफी है कि उन्होंने दुनिया के सबसे पवित्र और सबसे नूरानी चेहरे को घृणास्पद बकवास का निशाना बनाया है। इस दुष्ट हरकत के पीछे, जायोनिज़्म, अमेरिका और विश्व साम्राज्यवाद के अन्य सरगनाओं की शत्रुतापूर्ण नीति निहित है जो अपने विचार में इस्लामी दुनिया की युवा पीढ़ियों की नज़रों में इस्लामी पवित्र स्मृतियों को उनके बुलंद स्थान से नीचे गिरा कर उनके धार्मिक भावनाओं और अनुभूतियों को ख़त्म देना चाहते हैं।अगर वह इस अपवित्र व दुष्ट जंजीर की पूर्व कड़ियों यानी सलमान रुशदी, डेनमार्क कार्टूनिस्ट और कुरान की प्रतियां जलाने वाले अमेरिकी पादरी का समर्थन नहीं करते और ज़ायोनी पूंजीपतियों से जुड़े फर्मों में इस्लाम दुश्मनी पर आधारित दर्जनों फिल्में बनाने की सिफारिश नहीं देते, तो आज बात इस महान और क्षमा न किए जाने योग्य पाप तक न पहुंचती। इस गंभीर और क्षमा न करने योग्य अपराध के पहले आरोपी जायोनी और अमेरिकी प्रशासन है। अमेरिकी राजनीतिज्ञ अगर अपने इस दावे में सच्चे हैं कि इस अपराध में शामिल नहीं हैं तो उन्हें इस घृणित और निंदनीय अपराध में शामिल लोगों और उनके वित्तीय अभिभावकों को जिन्होंने मुस्लिम राष्ट्रों के दिलों को दुखद किया है, उनके गंभीर अपराधों के अनुसार सज़ा दें।पूरी दुनिया में मेरे भाइयों और बहनों को भी जान लेना चाहिए कि इस्लामी जागरूकता के सामने दुश्मनों की यह विफल कारवाईयां, इन आंदोलनों की महिमा और महत्व की निशानी और लोगो और उसमें हो रही प्रतिदिन उन्नति की सूचक है।