30 अगस्त 2012 - 19:30

विश्व अहलेबैत (अ) परिषद के महासचिव ने गुट निरपेक्ष आंदोलन के सोलहवें शिखर सम्मेलन के नाम एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया जिसे तीन भाषाओं में आंदोलन के सदस्य देशों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों तक पहुंचा दिया गया। उन्होंने इस संदेश में सदस्य देशों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों से मांग की है कि वह अपने देशों में शिया अधिकारों के लिए सम्मान को स्वीकार करें.........

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार विश्व अहलेबैत परिषद के महासचिव हुज्जतुल इस्लाम शेख मुहम्मद हसन अख्तरी ने अपने संदेश में राष्ट्रों के अपमान और पिछले महीनों में कुछ देशों में मुसलमानों विशेषकर अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के शियों के अधिकारों पर अतिक्रमण की घटनाओं की ओर इशारा करते हुए लिखा है: जरूरत इस बात की है कि गुट निरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देशों में अल्पसंख्यकों विशेषकर शियों के अधिकारो का सम्मान किया जाए और उन्हें स्वीकार किया जाए।उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के मानने वालों को अन्य लोगों की तरह सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक त्योहार मनाने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए और इस संबंध में उनके धार्मिक कृत्यों और धार्मिक स्मृतियों की सुरक्षा सुनिश्चित होना चाहिए।विश्व अहलेबैत (अ) परिषद तेहरान में गुट निरपेक्ष आंदोलन के सोलहवें सम्मेलन का स्वागत करता और सम्मेलन में ईरान में सदस्य देशों के प्रमुखों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की उपस्थिति पर खुशी और प्रसन्नता जताते हुए इस मुख्य बैठक में सभी प्रमुखों और प्रतिनिधियों की ज़्यादा से ज़्यादा सफलता की कामना करता है। और विश्व अहलेबैत (अ) परिषद को उम्मीद है कि यह बैठक विश्व (विशेषकर सदस्य देशों) में शांति और सुरक्षा की स्थापना, गरीबी को समाप्त करने, न्याय व इंसाफ़ की स्थापना, प्यार और सहयोग और सहकारिता की उन्नति और सरकारों और राष्ट्रों के बीच निकटता के लिए परिवर्तन का आरम्भ साबित हो और सरकारें और कौमें अंतरराष्ट्रीय और मानव समाज के स्तर पर ग़रीबों, कमज़ोरों, वंचितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा और धर्मों और मज़हबों के बीच सहयोग के सांचे में उनके अधिकारों की रक्षा करें और राष्ट्रों की निकटता के कारण उपलब्ध कराएँ।  वर्तमान स्थिति में, जबकि अनियमितता, राष्ट्रों की पवित्र स्मृतियों का अपमान, अल्पसंख्यकों के नरसंहार और पीड़ित लोगों की जान व माल और आदर, सम्मान के खिलाफ आक्रमकताओं का सिलसिला जारी है और इन आक्रमकताओं द्वारा हालिया कुछ महीनों के दौरान दुनिया के विभिन्न देशों में मुसलमानों विशेषकर अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के चाहने वालों को निशाना बनाया गया है और बेगुनाह इंसानों के नरसंहार और पवित्र स्थानों के विध्वंस का सिलसिला जारी है इसलिए गुट निरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देशों के प्रमुखों से मांग की जाती है कि अपनी महान जिम्मेदारियों को देखते हुए मानवीय हमदर्दी के आधार पर दुनिया के सभी इंसानों और धर्मों और उनके अनुयायियों के खिलाफ  किए जाने वाले भयानक और दुखद अपराधों को बंद किया जाए और इस संदर्भ में प्रभावी उपाय किए जाएं।इसी उद्देश्य से विश्व अहलेबैत (अ) परिषद, एकमात्र गैर सरकारी और निजी संगठन के रूप में जो सभी अहलेबैत (अ. स) के मानने वालों के साथ निकट संपर्क रखता है सोलहवें सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी सदस्य देशों के प्रमुखों से अपील करता कि निम्नलिखित मामलों की ओर ध्यान देते हुए उन्हें स्वीकार करें और गंभीरता के साथ अपनी राष्ट्रीय नीतियों में मद्देनज़र रखे।1. इन देशों में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के मानने वालों के अधिकारों को प्रिय समझा जाए और उन्हें स्वीकार किया जाए और कानून के हवाले से उनका समर्थन किया जाए।2. अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के मानने वालों को भी अन्य लोगों की तरह स्वतंत्र रूप से धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक प्रोग्रामों के आयोजन की पूरी पूरी स्वतंत्रता दी जाए और इस संबंध में उन्हें सरकारी समर्थन और संरक्षण प्राप्त हो।3. उनके धार्मिक कृत्यों और धार्मिक स्मृतियों की सुरक्षा की जाए।4. गुट निरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देश जहां अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के मानने वाले अल्पसंख्यक हैं, उन पर ज़ुल्म व अत्याचार न होने दें।5. अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के अधिकार, जान और माल और आदरव सम्मान पर अतिक्रमण के दोषी तत्वों को उनके अमानवीय कार्यों की वास्तविक सज़ा दी जाए और ऐसे कदम उठाए जाएं कि इस तरह की घटनाओं को दोहराए जाने की सम्भावना न रहे और भविष्य में पूरी तरह से उसकी रोकथाम की जाए।6. प्रिय प्रशासकों आप धार्मिक हस्तियों और समाज में आध्यात्मिक लिहाज से प्रभाव रखने वालों और मीडिया पर पहुँच रखने वाले विचारकों, से मांग करें कि आवश्यक सिफारिशें और नसीहतें करते हुए समाज में उभरने वाली भावनाओं को शांत करने के लिए प्रभावी प्रयास करें और वर्तमान तनाव और असमंजस की स्थिति में सुधार के लिए प्रतिबद्ध रहें।7. और गुट निरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देशों के शासकों और सरकारों से अनुरोध करते हैं कि कुछ राजनीतिक व्यक्तियों या धार्मिक नेतृत्व के दावेदारों के कुछ विचारों और आदेश का जो उत्तेजना, खून खराबे और जान माल, आदर सम्मान और पवित्र धार्मिक स्थानों पर हमले और राष्ट्रों के बीच अराजकता का कारण बनते हैं, गंभीरता से मुक़ाबला करें, और उन पर रोक लगाएं।अंत में या परिषद, इस अवसर को गनीमत जानकर एक बार फिर अपना सर्वश्रेष्ठ सम्मान प्रकट करते हुए, गुट निरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देशों के लिए सफलता, सरबुलंदी और दिन प्रति दिन सौभाग्य की कामना करते हुए, इस विशेष तवज्जो पर पहले से आभार व्यक्त करता है।.....166