23 अगस्त 2012 - 19:30

यहूदी ज़ायोनी प्रधानमंत्री बिनयामिन नितेन याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को सुझाव दिया है कि वह तेहरान में आयोजित होने वाली गुट निरपेक्ष आंदोलन की सोलहवीं बैठक में भाग लेने से बचें.....

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार यहूदी ज़ायोनी प्रधानमंत्री बिनयामिन नितेन याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को सुझाव दिया है कि वह तेहरान में आयोजित होने वाली गुट निरपेक्ष आंदोलन की सोलहवीं बैठक में भाग लेने से बचें, क्योंकि बान की मून की भागीदारी ईरान की शासन प्रणाली को कानूनी वैधता देने का कारण बनती है।
नितेन याहू एक अवैध राज्य के प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक और बड़े इस्लामी देशों की कानूनी हैसियत को चुनौती देते हुए वास्तव में इस तथ्य से भयभीत हैं कि तेहरान सम्मेलन कहीं इस्राईल के खिलाफ फ़िलिस्तीनियों का समर्थन न करे और इस बैठक के परिणामस्वरूप गुट निरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देश संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना का समर्थन न करें।
इससे पहले कुछ सदस्य देशों ने प्रस्ताव दिया था कि वह फ़िलिस्तीन राज्य को स्वीकार करने के बारे में फिलिस्तीनी प्राधिकरण के साथ बातचीत करने के इरादे से तेहरान बैठक में भाग लेने के लिए आते हुए रामल्लाह में ठहरेंगेजिसकी ज़ायोनी शासन ने अनुमति न देकर अपनी चिंताओं का पहले ही इज़हार किया था।
कुछ ज़ायोनी अखबारों ने लिखा कि नितेन याहू ने बान की मून से फोन करके कहा: "आपकी तेहरान यात्रा एक महान भूल है चाहे आपकी नियत सही ही क्यों न हो!" और यह कि "मैंने आपकी तेहरान यात्रा की खबर सुनी तो बहुत विरक्त मन हुआ!", "मेरे विचार में ऐसी कोई वजह नहीं है कि आप ऐसे देश का दौरा करें जो यहूदियों का दुश्मन है और इस्राईल को नेस्तनाबूद करने के संकल्प की घोषणा भी कर चुका है ", और उसने आगे कहा कि" ईरान ने इस्राईल के खिलाफ आतंकवादी युद्ध शुरू रखा है और ईरान ने ही बोरगस एयर पोर्ट में हमला करके पांच इस्राइली पर्यटकों की हत्या कर दी है"।
याद रहे कि ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने बुल्गारिया के बोरगस एयरपोर्ट में एक बस पर बंदूकधारियों के हमले और पांच ज़ायोनियों की हत्या के बारे में यहूदी राज्य के आरोपों के जवाब में कहा था कि यह हमला ज़ायोनी शासन का ही काम है क्योंकि ईरान निहत्थे लोगों पर हमले जैसी कायरतापूर्ण कार्रवाई के बारे में सोच भी नहीं सकता और ऐसे कदम ज़ायोनी शासन जैसे लोग ही उठाते हैं और बुल्गारिया की सरकार ने भी घोषणा की थी कि इस घटना में ईरान के शामिल होने का कोई प्रमाण नहीं मिल सका है।
नितेन याहू ने बान की मून से कहा कि "आप तेहरान जाएंगे तो आपकी इज़्ज़त व सम्मान कम होगा", और यह कि "श्री महासचिव आप की जगह तेहरान में नहीं है"।
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