हिज़्बुल्लाह के महासचिव सय्यद हसन नसरुल्लाह ने ज़ायोनी शासन को चेतावनी दी है कि यदि उसने लेबनान पर फिर आक्रमण का दुस्साहस किया तो जनप्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह लाखों इस्राइलियों के जीवन को नरक बना देगा। कल विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर हिज़्बुल्लाह के समर्थकों को संबोधित करते हुए सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि हिज़्बुल्लाह के पास लेबनान की रक्षा की क्षमता व साहस दोनों मौजूद है और यदि तेल अविव ने लेबनान पर आक्रमण किया तो आत्मरक्षा के रूप में हिज़्बुल्लाह के मीज़ाईल इस्राईल के भीतर जवाबी आक्रमण के लिए तय्यार हैं। सय्यद हसन नसरुल्लाह ने इस बात उल्लेख करते हुए कि हिज़्बुल्लाह ने अपने लक्ष्य निर्धारित कर लिए हैं, कहा कि यदि हमें अपनी जनता और देश की रक्षा के लिए मीज़ाईल के प्रयोग पर बाध्य होना पड़ा तो हम ऐसा करने से तनिक भी नहीं हिचकिचाएंगे और लाखों ज़ायोनियों के जीवन को नरक बना देंगे। उन्होंने कहा कि संभावित युद्ध इस्राईल के लिए इतना ख़र्चीला होगा कि उसकी वर्ष 2006 में लेबनान पर इस्राईल द्वारा थोपे गए आक्रमण से तुलना नहीं की जा सकेगी। हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने कहा कि वर्ष 2006 में 33 दिवसीय युद्ध में इस्राईल की लज्जानक पराजय के कारण ज़ायोनी सैन्य अधिकारी किसी दूसरे देश विशेष रूप से ईरान पर अपनी सरकार के आक्रमण की योजना का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने दमिश्क़ सरकार के विरोधियों को पैसों की सहायता व समर्थन से सीरिया में अशांति के कुछ अरब देशों द्वारा भड़काए जाने की निंदा करते हुए कहा कि वे ऐसा करके इस्राईल की सेवा कर रहे हैं क्योंकि तेल अविव चाहता है कि इस्राईल विरोधी ध्रुव के हाथ से सीरिया निकल जाए। सय्यद हसन नसरुल्लाह ने सउदी अरब से उन मीडिया चैनलों को पैसा न देने की अपील की जो मुसलमानों के बीच फूट को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी में सीरिया की सदस्यता को रद्द करने के निर्णय की निंदा करते हुए कहा कि यह क़दम सीरिया में और रक्तपात को हरी झंडी दिखाने के अर्थ में होगा।
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