17 अगस्त 2012 - 19:30

यह बहरैनी जवान विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर इस अवस्था में शहीद हुआ जब वह लोगों के साथ अमरीका मुर्दाबाद और इस्राईल मुर्दाबाद के नारे लगा रहा था और उसके हाथों में फ़िलिस्तीन का झंडा था.........

अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार कल अलविदा जुमा और विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर बितर करने के लिए आले ख़लीफा और आले सऊद के सैनिकों ने भीड़ पर हमला किया और परिणाम स्वरूप 16 वर्षीय हिसामुल हद्दाद नामक बहरैनी जवान शहीद हो गया।बहरैन के गृहमंत्रालय के दावे के विपरीत कि जिसने कहा था कि सैनिक इस सोलह वर्षीय बालक के मुकाबले में अपना बचाव कर रहे थे, शहीद के परिवार वालों ने बताया है कि सैनिक उसे जख़्मी हालत में उठा ले गए थे और बाद में उसके मरने की ख़बर दी।याद रहे यह बहरैनी जवान विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर इस अवस्था में शहीद हुआ जब वह लोगों के साथ अमरीका मुर्दाबाद और इस्राईल मुर्दाबाद के नारे लगा रहा था और उसके हाथों में फ़िलिस्तीन का झंडा था।बहरैन की अल-विफ़ाक़ पार्टी ने भी एलान किया है कि ख़लीफ़ाई सैनिक अपने बर्बर हमले के बाद इस नौजवान को उठा ले गए औऱ बाद में उसकी मौत की घोषणा कर दी।ज्ञात रहे कल अलविदा जुमा और विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर बितर करने के लिए आले ख़लीफा और आले सऊद के सैनिकों ने भीड़ पर हमला किया था और उन पर ज़हरीली गैस के गोले दागे थे तथा उन्हें गोलियों का निशाना बनाया था।समाप्त....166