16 अगस्त 2012 - 19:30

आज विश्व भर में एक बार फिर क़ुद्स दिवस मनाया गया। ईरान की राजधानी तेहरान और 550 नगरों में निर्धारित समय पर जनता ने सड़कों पर निकलकर विश्व क़ुद्स दिवस के प्रदर्शनों में भाग लिया और फ़िलिस्तीनी राष्ट्र से अपनी एकजुटता की घोषणा की......

आज विश्व भर में एक बार फिर क़ुद्स दिवस मनाया गया। ईरान की राजधानी तेहरान और 550 नगरों में निर्धारित समय पर जनता ने सड़कों पर निकलकर विश्व क़ुद्स दिवस के प्रदर्शनों में भाग लिया और फ़िलिस्तीनी राष्ट्र से अपनी एकजुटता की घोषणा की। प्रदर्शनकारियों ने ज़ायोनी शासन के चंगुल से फ़िलिस्तीन की स्वतंत्रता के संकल्प को दोहराया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ईरान, फ़िलिस्तीन और हिल्ज़बुल्लाह लेबनान ध्वज थे और लोग अपने हाथों में प्ले कार्ड उठाए हुए थे जिन पर अमरीका मुर्दाबाद इस्राईल मुर्दाबाद के नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे कि इस्राईल का विनाश निश्चित है, इस्राईल आतंकवाद का स्रोत है। प्रदर्शनकर्ताओं ने सीरिया में जारी आतंकवादियों और उनके समर्थकों की आपराधिक कार्यवाहियों की भी निंदा की। ज्ञात रहे कि स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने रमज़ान के अंतिम जुमे को विश्व क़ुद्स दिवस घोषित करके फ़िलिस्तीन के मुद्दे में नयी जान डाल दी और फ़िलिस्तीन तथा बैतुल मुक़द्दस के मामले को हमेशा के लिए भुला देने के ज़ायोनियों और साम्राज्यवादी शक्तियों के प्रयासों पर पानी फेर दिया। राजधानी तेहरान में विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर निकलने वाले जुलूसों में दसियों लाख लोगों ने भाग लिया और पूरा वातावरण प्रदर्शनकारियों के नारों से गूंज उठा। विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर ईरान के साथ ही पाकिस्तान, भारत, सऊदी अरब, बहरैन, सीरिया, इराक़ फ़िलिस्तीन सहित विश्व के 80 से अधिक देशों में लोगों ने फ़िलिस्तीन और बैतुल मुक़द्दस के समर्थन में प्रदर्शन किए और ज़ायोनियों का क़ब्ज़ा समाप्त करने का संकल्प दोहराया। विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर इतने व्यापक स्तर पर होने वाले प्रदर्शनों की पश्चिमी मीडिया ने उपेक्षा करने का योजनाबद्ध प्रयास किया और अधिकतर पश्चिमी संचार माध्यमों ने प्रदर्शनों के समाचारों की अनदेखी कर दी। समाप्त.....166