9 अगस्त 2012 - 19:30

ख़तीबे जुमा तेहरान ने लाखों नमाज़ियों को सम्बोधित करते हुए रमज़ान के मुबारक महीने की इक्कीस तारीख को मौलाए कायनात अमीरुल हज़रत अली अलैहिस्सलाम के शहादत दिवस की तरफ़ इशारा करते हुए इस्लामी जगत को उनकी शहादत की सांत्वना पेश की.........

तेहरान की केंद्रीय नमाज़े जुमा आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीकी की इमामत में अदा की गयी। ख़तीबे जुमा तेहरान ने लाखों नमाज़ियों को सम्बोधित करते हुए रमज़ान के मुबारक महीने की इक्कीस तारीख को मौलाए कायनात अमीरुल हज़रत अली अलैहिस्सलाम के शहादत दिवस की तरफ़ इशारा करते हुए इस्लामी जगत को उनकी शहादत की सांत्वना पेश की। उन्होंने साठ साल से फ़िलिस्तीन पर ज़ायोनी शासन के कब्जे पर कुछ अरब देशों की चुप्पी की आलोचना की। आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीकी ने रमज़ान के मुबारक महीने के अंतिम शुक्रवार और क़ुद्स दिवस की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि साम्राज्यवादी देशों ने सेंसेटिव क्षेत्र में नापाक ज़ायोनी शासन की स्थापना की जिसने आक्रामकता के साथ इस्लामी पुरातत्वों का अपमान और फिलिस्तीनियों के घरों के विध्वंस के साथ साथ अरबों की हैसियत व आबरू को भी समाप्त कर दिया है।
ख़तीबे जुमा तेहरान ने कुछ अरब देशों के ज़ायोनी शासन और अमरीका के पिठ्ठू और एजेंट होने पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि ज़ायोनी शासन के दिन खत्म हो चुके हैं और अब उसकी सरकार को बचाया नहीं जा सकता बल्कि यह सरकार फ़ना होकर रहेगी. आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीकी ने सीरिया की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी हालत में जबकि सीरिया में सुधार किया जा रहा है, कुछ अरब और पश्चिमी देशों के समर्थित आतंकवादी निर्दोष लोगों को मार रहे हैं। ख़तीबे जुमा तेहरान ने इराक में पश्चिमी देशों के हस्तक्षेप की निंदा करते हुए कहा कि नूरी अल मलिकी सरकार देनी मरजिईयत और मुसलमान जनता के समर्थन और गठबंधन के सहारे देश में जारी बनावटी संकट पर कंट्रोल कर लेगी।
उन्होंने ईरान के खिलाफ पश्चिमी देशों के प्रतिबंध कड़े किए जाने के बारे में कहा कि ईरान की समझदार जनता अपने लक्ष्य और उद्देश्य से पीछे नहीं हटेगी।
समाचार समाप्त
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