3 अगस्त 2012 - 19:30

कोफी अन्नान द्वारा सीरिया के लिए अंतरराष्ट्रीय शांतिदूत के पद से त्यागपत्र देने से महाशक्तियों के बीच आरोप और प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.........

कोफी अन्नान द्वारा सीरिया के लिए अंतरराष्ट्रीय शांतिदूत के पद से त्यागपत्र देने से महाशक्तियों के बीच आरोप और प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। सीरिया में शांति बहाली के प्रस्ताव पर जिस तरह हाल ही में सुरक्षा परिषद में वीटो शक्तियां बटी थीं, ठीक वही झलक अन्नान के इस्तीफे की घोषणा के बाद दिखाई दी। हालांकि ईरान और भारत जैसे महत्वपूर्ण देशों ने कहा है कि वह सीरिया में शांति के प्रयासों को जारी रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र के दूत कोफी अन्नान के प्रयासों की सराहना करते हैं और उनके त्यागपत्र पर खेद जताते हैं।  रूस और चीन ने अमरीका सहित कुछ पश्चिमी देशों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है और अन्नान के इस्तीफे पर अफसोस भी जताया है। सीरिया में शांति के प्रयासों के उद्देश्य से इसी वर्ष फरवरी में अन्नान को दूत नियुक्त किया गया था। वह संयुक्त राष्ट्र के महासचिव भी रह चुके हैं। अन्नान ने सीरियाई संकट के कूटनैतिक समाधान हेतु 6 सूत्रीय शांति योजना का प्रस्ताव रखा था, किन्तु तुर्की और अमरीका जैसे कुछ देशों द्वारा सीरिया में सशस्त्र विद्रोहियों को खुला समर्थन और सहायता देने से इस योजना को क्रियान्वय नहीं किया जा सका।समाचार समाप्त.......166